IG की सफाई- रिवॉर्ड क्विक रिस्पॉन्स एक्शन के लिए दिया: सवाई माधोपुर पुलिस ने मंदबुद्धि को चोर बनाकर पेश किया था



भरतपुर30 मिनट पहले

आईजी गौरव श्रीवास्तव का सवाईमाधोपुर मामले को लेकर बयान।

भरतपुर में रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने सवाई माधोपुर पुलिस को रिवॉर्ड देने के मामले में सफाई दी है। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए आईजी ने कहा कि पुलिस ने रात 3 बजे एटीएम से छेड़छाड़ करते व्यक्ति को पकड़ा। यह पुलिस का क्विक रिस्पॉन्स एक्शन था। उसी के लिए रिवॉर्ड की घोषणा की गई थी। पुलिस ने गलत किया है तो जांच होगी और कार्रवाई करेंगे।

बता दें कि सवाई माधोपुर में 5-6 नवंबर की रात 3 बजे मानटाउन थाना पुलिस ने बजरिया इलाके में लगे आईडीबीआई बैंक के एक एटीएम से छेड़खानी करते युवक को पकड़ा था। पुलिस को इसकी सूचना मिली थी जिस पर चेतक-2 टीम मौके पर पहुंची थी।

पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया और रिमांड पर ले लिया। वारदात के 6 घंटे में ही सवाई माधोपुर की मानटाउन पुलिस को आईजी गौरव श्रीवास्तव की ओर से 5 हजार के रिवॉर्ड की घोषणा हो गई। सवाई माधोपुर एसपी ने भी 1 हजार रुपए के इनाम की घोषणा कर दी।

सवाई माधोपुर शहर में बजरिया इलाके में लगे इसी एटीएम से मनोरोगी को पकड़ा गया था।

बाद में पता चला कि युवक मनोरोगी था। पूछताछ में वह अपना नाम और पता तक नहीं बता पाया था। पुलिस ने उसका मेडिकल करवाए बिना ही उसे कोर्ट में पेश कर दिया था। इतना ही नहीं बल्कि रिमांड तक पर ले लिया था। बाद में जांच अधिकारी ने युवक का हेल्थ चेकअप करवाया तो वह मनोरोगी निकला।

पुलिस ने कोर्ट से यह सच्चाई छुपाई थी कि पकड़ा गया व्यक्ति मनोरोगी है। 6 नवंबर को कोर्ट ने मनोरोगी को जेल भेज दिया। इसके बाद खुद पुलिस ने 9 नवंबर को कोर्ट में अर्जी लगाई कि जिसे जेल भेज दिया है, दरअसल वह मनोरोगी है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

एक मनोरोगी को चोर बताकर कोर्ट में पेश करने, इनाम पाने और सच्चाई को छुपाने के मामले में पुलिस पर सवाल हैं। ऐसे में पुलिस टीम के लिए रिवॉर्ड की घोषणा करने वाले रेंज आईजी की भी किरकिरी हुई। भरतपुर में आज इसी को लेकर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने सफाई दी।

रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने इस मामले में कहा कि पुलिस ने गलत किया है तो जांच होकर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन मामला पुलिस के क्विक एक्शन का था। इनाम उसी को लेकर दिया गया था।

रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने इस मामले में कहा कि पुलिस ने गलत किया है तो जांच होकर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन मामला पुलिस के क्विक एक्शन का था। इनाम उसी को लेकर दिया गया था।

क्या क्विक रिस्पॉस्स के लिए रिवॉर्ड न दिया जाए- आईजी
​​​​​​​आईजी गौरव श्रीवास्तव ने कहा यह पुलिस की तुरंत रिस्पॉन्स कार्यशैली थी। क्या मैं इसके लिए अपने लोगों को इनाम नहीं दूं। यह अलग बात है कि वह व्यक्ति मंदबुद्धि निकला। कानून कहता है कि उस व्यक्ति का चालान नहीं होगा तो नहीं करेंगे। उसे गलत गिरफ्तार कर लिया तो ठीक है, उसके लिए जिन्होंने लापरवाही की है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आईजी ने कहा कि इस मामले में मैं पुलिस की तत्परता की तारीफ न करूं, यह कोई बात नहीं है। इनाम इस बात के लिए थोड़ी न दे रहे हैं कि आपने मनोरोगी को पकड़ लिया। बल्कि इनाम इस बात के लिए दे रहे हैं कि आपने जो घटना हुई, उसमें तुरंत कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया।

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सवाईमाधोपुर पुलिस ने मनोरोगी को चोर बताकर बनाया आरोपी:मेडिकल जांच के बिना कोर्ट में पेश किया, अब पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई

सवाई माधोपुर पुलिस की ओर से मनोरोगी को चोर बताने पर अब कोर्ट ने जांच का आदेश दिया है। मामले में आईजी ने 5 और एसपी ने 1 हजार रुपए का पुलिसकर्मियों को इनाम तक दिया था। अब CJM (चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट)अशोक सेन ने मानटाउन थानाधिकारी और अन्य जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है। (पूरी खबर पढ़ें)​​​​​​​

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