CM से नाराज हरीश चाैधरी मंत्रियों का मांग रहे साथ: ओबीसी को लेकर कैबिनेट में फैसला नहीं होने से नाराज हैं पंजाब कांग्रेस प्रभारी, अपनी ही सरकार के खिलाफ दे रखी है आंदोलन की चेतावनी



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20 मिनट पहले

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ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल से मिलकर हरीश चौधरी ने इसे सुलझाने की मांग की।

ओबीसी आरक्षण को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी अब इस मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए मंत्रियों के घर जाकर उनसे मिल रहे हैं। वे अब तक मंत्री शांति धारीवाल, बीडी कल्ला, लालचंद कटारिया और परसादी लाल मीणा के घर जाकर मिल चुके हैं। इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से भी घर जाकर मिले।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मैं अपनी बात मंत्रियों के सामने रख रहा हूं। चौधरी ने मंत्रियों के घर जाकर मुलाकात करने के फोटो सोशल मीडिया पर भी शेयर किए। चौधरी ने ओबीसी आरक्षण में विसंगति के मुद्दे को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी दे दी है। शुक्रवार को उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर सीएम गहलोत पर ही निशाना साध दिया था।

उन्होंने कहा था कि ओबीसी आरक्षण विसंगति की नैतिक जिम्मेदारी सीएम की है, क्योंकि मेरी जानकारी में आया है कि उन्होंने ही इस मुद्दे को डैफर किया था। डीओपी, आरपीएससी और विधि विभाग ने महीने पहले ही हमारे मुद्दे पर प्रशासनिक सहमति दे दी थी। एक महीने से मैं सीएम से कैबिनेट की बैठक बुलाने की मांग कर रहा था। इसके लिए तीन बार मैं उनसे मिला भी।

2018 में वसुंधरा सरकार ने निकाला था आदेश

2018 में वसुंधरा राजे सरकार में OBC सहित अन्य कैटेगरी के आरक्षण में भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण कोटे को खत्म कर मूल भर्ती के कुल पदों में से भूतपूर्व सैनिकों का 12.5% कोटा तय किया गया है। इससे कुल पदों में OBC की आबादी ज्यादा होने से भूतपूर्व सैनिकों में सबसे ज्यादा ओबीसी के भूतपूर्व सैनिकों का चयन होता है। इसके बाद सरकार इन भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण वर्गों की कैटेगरी में से कटौती की। इससे OBC के 21% आरक्षण कोटे के अधिकांश पदों पर भूतपूर्व सैनिक काबिज हो जाते हैं। OBC के मूल वर्ग को पद नहीं मिल पाते हैं। कई भर्तियों में तो भूतपूर्व सैनिकों के अलावा OBC के मूल लोगों को एक भी पद नहीं मिला है।

ओबीसी आरक्षण में विसंगति को दूर करने के लिए धरना भी दे चुके

हरीश चौधरी ने ओबीसी विसंगतियों को दूर करने के लिए बाड़मेर कलेक्ट्रेट के आगे धरना देकर प्रदर्शन किया था। इसमें सभी दलों के नेता शामिल हुए थे। इसके बाद नागौर में प्रदर्शन किया। 30 सितंबर को जयपुर में बड़ा धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद सीएम ने भी प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर जल्द विसंगतियां दूर करने का आश्वासन दिया था।

2018 की पुरानी व्यवस्था लागू करवाना चाहते हैं हरीश

हरीश चौधरी चाहते हैं कि पूर्व सैनिकों के कोटे को आरक्षित वर्ग से काटना बंद करें। 2018 की पुरानी व्यवस्था लागू करें। ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति लगातार मांग कर रही है कि ओबीसी के मूल आरक्षण कोटे को सुरक्षित रखा जाए। भूतपूर्व सैनिकों की मेरिट कुल पदों पर बनाई जाती है। इसमें 36% बिना आरक्षित पदों में से काटा जाए। 2018 से पूर्व की भांति भूतपूर्व सैनिकों का 12.5 % आरक्षित कोटा आरक्षित वर्ग के कोटे से काटा जाए। रोस्टर व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने, ओबीसी को जनसंख्या के अनुरूप आरक्षण देने सहित कई मांगे शामिल हैं।

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