40 पुलिसवालों की टीम ने घेरा था, AK-47 लेकर घुसे: अमेरिकन गैंगस्टर का साथी है रमजान; फायरिंग से पहले इलाके को खाली कराया



जयपुर6 मिनट पहलेलेखक: विक्रम सिंह सोलंकी

पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोपी डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या में मामले में फरार रमजान खान उर्फ राज हुड्‌डा को रविवार काे पुलिस ने जयपुर के रामनगरिया इलाके से पकड़ लिया।

  • लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ा कैसे?
  • पुलिस का प्लान ऑफ एक्शन क्या था?
  • आखिर रविवार दोपहर रामनगरिया में हुआ क्या था?

इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची। राजस्थान एटीएस, कमिश्नरेट पुलिस, पंजाब पुलिस और इलाके के 20 से ज्यादा लोगों से बात की।

सबसे पहले जानिए उन 30 मिनट के दौरान हुआ क्या था?

समय : रविवार दोपहर 2:30 से 3 बजे

स्थान : जयपुर का रामनगरिया इलाका

सीन : बच्चे इलाके में क्रिकेट खेल रहे थे। चाय की दुकानों पर इंडिया-न्यूजीलैंड के टी-20 क्रिकेट मैच पर चर्चा चल रही थी। घरों की छतों पर महिलाएं धूप सेक रहीं थी।

इसी दौरान तेज रफ्तार में एक के बाद एक पुलिस की 8 गाड़ियां आकर रुकीं। गाड़ियों में से करीब 40 पुलिसवाले उतरे। पुलिसकर्मियों ने बुलेटपूफ्र जैकेट पहन रखी थी और हाथ में थी एके-47।

छत पर बैठी महिलाएं, क्रिकेट खेलते बच्चे और दुकानों पर खड़े लोग। पुलिस ने कुछ ही मिनटों में सबको वहां से हटा दिया। घरों और दुकानों के दरवाजे बंद करा दिए। रोड दोनों तरफ से ब्लॉक कर दी। देखते ही देखते पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल हो गया।

हाथों में हथियार लिए कुछ पुलिस वाले दबे पांव इलाके में बने विनायक एन्क्लेव की तरफ बढ़ रहे थे। कुछ पुलिसवाले छतों पर चढ़े हुए थे। घरों और दुकानों में बंद लोग खिड़कियों से झांक रहे थे। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि हो क्या रहा है? कुछ समझ पाते इससे पहले गोली चलने की आवाज आई। लोग रिएक्ट कर पाते, इससे पहले एक और फायर हुआ।

लोगों को राहत मिली, जब तीसरी गोली की आवाज नहीं आई और कुछ ही मिनटों बाद सारे पुलिसवाले बाहर आ गए। घरों और दुकानों के दरवाजे खोल दिए।

जब सबकुछ नॉर्मल हुआ तो लोगों को पता चला कि उनके इलाके में बने विनायक एन्क्लेव में पंजाब से भागा हुआ एक गैंगस्टर छिपा हुआ था, जिसका नाम है रमजान उर्फ राज हुड्डा।

एक दिन पहले शाम को आया था रमजान

ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले दो भाइयों साहिल और हैप्पी ने 10 दिन पहले ही विनायक एन्क्लेव में कमरा लिया था। दोनों भाई इससे पहले यूनिवर्सिटी के सामने ही किराए के कमरे में रहते थे। शनिवार शाम को ही रमजान उनके पास आया था। रात को ऑनलाइन खाना मंगाया। इसके बाद तीनों ने काफी देर बात की और सो गए।

सुबह उठकर पहले छत पर जाकर मुआयना किया

रमजान सुबह जल्दी ही उठ गया था। पहले सुबह हैप्पी नीचे दुकान पर चाय लेने गया था। इसके बाद तीनों ने कमरे में ही बैठ कर चाय पी। फिर रमजान ने कमरे के बाहर और छत पर जाकर आसपास का मुआयना किया। पड़ोस की दीवार पर भी चढ़ कर देखा। पास में एक युवक को शक भी हुआ, लेकिन उसने कुछ बोला नहीं।

उन्होंने कमरा भी पहली मंजिल पर बाहर की ओर लिया था। इससे सड़क पर आने-जाने की सारी हलचल देखी जा सकती है। कमरे में दो दरवाजे है। दूसरा दरवाजा भी बाहर की ओर खुलता है। इसके बाद दोपहर को तीनों पैदल ही बाहर चले गए था। वापस आकर फिर ऑनलाइन खाना भी मंगवाया था। जब पुलिस पहुंची तो तीनों कमरे में ही बैठे हुए थे।

जयपुर में लोकेशन बदलकर रह रहा था

पुलिस का मानना है कि रमजान पिछले दो-तीन दिनों से जयपुर में लोकेशन बदल कर रह रहा था। सेंट्रल इंटेलिजेंस को रमजान की लोकेशन जयपुर में मिली। तब उन्होंने पंजाब पुलिस को उसकी लोकेशन बताई। तब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के डीएसपी विक्रम बराड़ ने जयपुर पुलिस से मदद मांगी। कमिश्नरेट की स्पेशल टीम (CST), एंटी टेरर स्क्वॉयड (ATS) को ऑपरेशन में लगाया गया।

दोनों टीमों में 40 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। रामनगरिया एसएचओ राजेश शर्मा को दोपहर 2.30 बजे सूचना दी गई। थाने का स्टाफ भी लिया गया। इसके बाद पुलिस की टीमें रामनगरिया इलाके में पहुंचीं।

महिलाओं ने सोचा कोई जंगली जानवर आ गया

स्थानीय महिलाओं का कहना था कि उन्हें लगा कि कोई जंगली जानवर या फिर शेर आ गया है। पहली बार इतनी सारी पुलिस को हथियार के साथ देखा था। उन्होंने बाहर से कमरों को बंद कर दिया था। पुलिस हथियारों के साथ छत पर चढ़ गई। चुपचाप महिलाएं व बच्चे खिड़कियों से ही झांक कर बाहर देखते रहे। लोगों को लगा कि पता नहीं क्या चक्कर चल रहा है। पुलिस के पास एके-47 राइफल व हथियार थे। बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहनी हुई थी।

दरवाजे के आर-पार निकली गोली

पुलिस के जवान पहली मंजिल पर बने कमरे के पास पहुंचे। रमजान फर्श पर ही बैठा हुआ था। कमरे में से ही उसने एक गोली चला दी। गोली दरवाजे को पार करते हुए सामने की बाउंड्री से टकराई। तभी एक गोली पुलिस ने भी जवाब में फायर की। पुलिस ने गेट को झटके में खोल डाला। दूसरी गोली रमजान के पैर में जाकर लगी। रमजान घायल होकर दीवार के पास ही गिर पड़ा।

पुलिस पहुंची तो अंदर साहिल व हैप्पी भी बैठे हुए थे। एक पिस्टल रमजान और कमरे की तलाशी ली तो दूसरी पिस्टल भी मिल गई। पुलिस को कारतूस भी बरामद हुए। फिलहाल रमजान खान का एसएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल और मकान के बाहर पुलिस का जाप्ता लगाया गया है।

पंजाब और जयपुर पुलिस ने रमजान के साथ कमरे में से साहिल और हैप्पी काे भी गिरफ्तार किया है। पुलिस की स्पेशल टीमें देर रात तक रामनगरिया इलाके में सर्च करती रही। पुलिस ने संदेह के आधार पर 4 अन्य युवकों को भी पूछताछ के लिए पकड़ा है। ये स्टूडेंट ज्ञानविहार यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं।

साहिल और हैप्पी दोनों सगे भाई

साहिल और हैप्पी दोनों सगे भाई हैं। वे हनुमानगढ़ में भादरा के नेराना के रहने वाले हैं। साहिल ज्ञानविहार यूनिवर्सिटी में बीएससी सेकेंड ईयर में साहिल पढ़ रहा था। हैप्पी भी साहिल के साथ ही आकर जयपुर में रहने लगा था। कमरे में एक तरफ रसोई का सामान और दूसरी तरफ पलंग लगा हुआ था।

कमरे में कपड़े सहित अन्य सामान रखा हुआ था। दोनों के पास एक दिन पहले ही रमजान आया था। पुलिस पता लगा रही है कि दोनों का संपर्क रमजान से कैसे हुआ था। दोनों का क्राइम रिकॉर्ड भी चेक किया जा रहा है। दोनों के पकड़े जाने के बाद परिजन भी रामनगरिया थाने पहुंचे थे।

मालिक बोला- उन्हें पता नहीं रमजान कब आया

जिस मकान से रमजान काे पकड़ा गया है, वह बाबूलाल जोगी का मकान है। दोनों से आईडी भी ले ली थी। तीसरा लड़का रात को कब आया। उन्हें पता ही नहीं लगा। सुबह उसे उन दोनों के साथ पहली बार ही बाहर आते-जाते देखा था। उन्होंने मेरी ही दुकान से सुबह 20 रुपए की चाय भी ली थी। खाना भी बाहर से ऑनलाइन ही मंगवाया था। कुछ देर के लिए वे दोपहर को बाहर भी निकल कर गए थे। बाद में वापस आ गए थे।

गैंगस्टर एमपी का रहने वाला, चंड़ीगढ़ में जॉइन की थी गैंग
रामजन खान उर्फ राज हुड्डा उम्र 20 साल पुत्र महबूब खान वासी मऊरानी जिला झांसी मध्य प्रदेश का रहने वाला है। ये सूर्य नगर, सिंहपुरा रोड रोहतक (थाना शहर रोहतक) में अपनी मां सकीना बानो के साथ किराये के मकान में रहता था। रामजन खान मोटर मिस्त्री का कार्य करता था। करीब एक साल पहले चंड़ीगढ़ चला गया था और वहां गैंग जॉइन की थी। करीब 7 दिन पहले गैंगस्टर की मां सकीना बानो कमरा छोड़कर चली गई थी। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार रमजान ने शादी नहीं की है और पिता की मौत हो चुकी है। एक भाई व 2 बहन है जो शादीशुदा है तथा झांसी में रहते है।

पंजाब डीजीपी ने किया ट्‌वीट

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने रमजान खान उर्फ राज हुड्‌डा के पकड़े जाने पर एक ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा कि पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का राजस्थान पुलिस के साथ ऑपरेशन सफल रहा है। डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या में शामिल राज हुड्डा को मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया गया है।

गोल्ड़ी बराड़ गैंग में शामिल रमजान

रमजान खान उर्फ राज हुड्‌डा गोल्ड़ी बराड़ की गैंग से जुड़ा हुआ है। 10 नवंबर को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी केस के आरोपी डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की पंजाब के फरीदकोट में हत्या कर दी गई। प्रदीप अपनी डेयरी ( दुकान) को खोल रहा था।

तभी 2 मोटरसाइकिल सवार 5 बदमाशों ने उन पर कई गोलियां चलाईं। इस हमले में गनमैन समेत तीन लोग जख्मी हो गए हैं। इनमें पास का एक दुकानदार भी शामिल था। हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली थी। गोल्डी पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल का मास्टरमाइंड है। रमजान हरियाणा के रोहतक में सूर्यनगर का रहने वाला है।

कई संदिग्ध युवकों को पकड़ा

पंजाब और जयपुर पुलिस ने रामजान,साहिल और हैप्पी को पकड़ने के बाद संदेह के आधार पर अन्य कुछ युवकों को भी पकड़ लिया। ये युवक साहिल के साथ ही पढ़ते थे। पुलिस इनके मोबाइल के आधार पर अन्य युवकों से पूछताछ कर रही है। वहीं विनायक एन्क्लेव में जिस मकान से राजू हुड्‌डा को पकड़ा गया था। उसी मकान के बाहर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस का जाप्ता लगाया गया।

रेड कॉर्नर नोटिस जारी

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड व डेरा प्रेमी मर्डर के मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ का पंजाब पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि गोल्डी अभी नॉर्थ अमेरिका में है। उसे भारत लाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। बराड़ को कई राज्यों की पुलिस तलाश कर रही है। गोल्डी अपने बचाव के लिए कैलिफोर्निया में कानूनी तरीके से राजनीतिक शरण लेने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, यह शरण तब मिलती है जब कोई व्यक्ति यह साबित करें कि उसे अपने देश में इंसाफ नहीं मिल रहा है।

फरीदकोट जेल में बना था डेरा प्रेमी के मर्डर का प्लान

फरीदकोट जेल में ही डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या का प्लान बनाया गया था। गैंगस्टर गोल्डी का रिश्तेदार भोला सिंह इसी जेल में बंद था। वह डेरा प्रेमी हत्याकांड के आरोपी मनप्रीत का भी रिश्तेदार था। भोला सिंह ने ही जेल में गोल्डी बराड से फोन पर मनप्रीत व एक अन्य आरोपी हरजिंदर सिंह से बात कराई थी। इसके बाद गोल्डी बराड के इशारे पर ही रमजान खान उर्फ राजू हुड्‌डा व अन्य बदमाशों ने मिलकर डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या कर दी थी। गुरू ग्रंथ साहिब के बेअदबी केस में प्रदीप सिंह आरोपी था। इसी का बदला लेने के लिए उसकी हत्या हुई। पंजाब पुलिस ने हत्या के तीन दिन के बाद मनप्रीत सिंह व भूपेंद्र सिंंह सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन रमजान फरार चल रहा था।

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