सीकर का बेटा सारेगामापा लिटिल चैंप्स टॉप – 12 में: स्कूल में 500 बच्चों को सिखाता है म्यूजिक,पिता पेंटर का काम करते




सीकर18 मिनट पहले

रविवार रात टेलीकास्ट हुए शो में परफॉर्म करते हुए एसम।

सीकर के दूजोद गांव के 12 साल के एसम अली सारेगामापा लिटिल चैंप्स में टॉप – 12 में अपनी जगह बना चुके हैं। एसम ने अपने परदादा के बारे में सुनकर म्यूजिक सीखना स्टार्ट किया था। 4 साल म्यूजिक भी सीखा। जिसके बाद वह एसम ने यह मुकाम हासिल किया है।

एसम के दादा सत्तार खान ने बताया कि एसम के परदादा सुलेमान खान को बदल सम्राट के नाम से जाना जाता था। जो जागरण वगैरह में भजन गाने का काम करते थे। इसके बाद परिवार में किसी ने भी गाने का काम नही किया। लेकिन एसम गांव में हमेशा अपने परदादा के गायकी के बारे में सुनता था। ऐसे में उसे भी गायकी में ही इंटरेस्ट हो गया।

सत्तार खान ने बताया कि 2010 में जन्मा एसम 2016 तक गांव में ही रहा। इसके बाद उसके पिता एक बार जो पेंटर का काम करते हैं। वह अपने परिवार के साथ उदयपुर चले गए। यहां एसम ने 2021 तक एक प्राइवेट कोचिंग में म्यूजिक की ट्रेनिंग ली। 2021 में परिवार वापस अपने गांव दूजोद लौट गया। इसके बाद एसम का एडमिशन गांव के पास एक प्राइवेट स्कूल में करवाया गया। यहां एसम स्कूल के करीब 500 बच्चों को भी म्यूजिक सिखाता है।

एसम की मां खुशबू ने बताया कि बचपन से ही बेटे को म्यूजिक का शौक था। साथ ही वह हारमोनियम भी प्ले करने लगा। म्यूजिक सीखना शुरू करने के बाद एसम कई बार ऑडिशन दे चुका है। जिसके बाद अब वह सारेगामापा लिटिल चैंप्स में सिलेक्ट हुआ है। मां खुशबू ने बताया कि बेटे की इस जर्नी में सबसे ज्यादा सपोर्ट उनके पति इकबाल ने किया है। जो देर रात तक भी खुद साथ बैठकर अपने बेटे को म्यूजिक प्रैक्टिस करवाते।

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