सियासी विवाद बनी ओबीसी आरक्षण की विसंगति दूर: पूर्व सैनिकों को अब हॉरिजेंटल आरक्षण मिलेगा, कैबिनेट ने नियम बदलने को मंजूरी दी




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जयपुर2 घंटे पहले

ओबीसी कोटे में पूर्व सैनिकों के आरक्षण के पैटर्न पर हुए विवाद के बाद अब राज्य सरकार ने प्रावधान बदलने का फैसला किया है। सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरी में आरक्षण के प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके लिए राजस्थान सिविल सेवा (भूतपूर्व सैनिकों का आमेलन) नियम, 1988 में संशोधन को मंजूरी दी है। इससे राज्य की भर्तियों में भपूर्व सैनिकों को हॉरिजॉन्टल कैटेगरीवाइज आरक्षण मिलेगा।

इस संशोधन से एससी, एसटी के पूर्व सैनिकों को भी सीधी भर्तियों में आनुपातिक रूप से प्रतिनिधित्व मिलेगा। ओबीसी के लिए आरक्षित पदों में से पिछड़ा वर्ग के गैर सामान्य कैंडिडेट्स को भी पूरा कोटा मिल सकेगा।

मौजूदा नियमों से ओबीसी कैंडिडेट्स को थी भारी आपत्ति
मौजूदा भर्ती नियमों में पूर्व सैनिकों को राज्य सरकार की नौकरियों में भर्ती के लिए उनकी वर्गवार कैटेगरी में से आरक्षण मिलता है। इस व्यवस्था से पूर्व सैनिकों के अपनी कैटेगरी
में समायोजित होने के कारण एससी, एसटी के पूर्व सैनिकों का चयन कम हो पा रहा है। साथ ही पूर्व सैनिकों के लिए तय आरक्षण के बाद चयनित कैंडिडेट्स के अपने वर्ग में समायोजित हो जाने के कारण कुछ भर्तियों में ओबीसी वर्ग के कैंडिडेट्स के लिए पद नहीं बच रहे थे।

पूर्व सैनिकों को छूट मिलती रहेगी, पूर्व सैनिकों के खाली पद

पूर्व सैनिकों को हॉरिजेंटल कैटेगरी के हिसाब से आरक्षण मिलेगा। पूर्व सैनिकों को भर्तियों में मौजूदा दौर में मिल रही अधिकतम उम्र में छूट और मिनिमम अंकों में छूट का लाभ भी मिलता रहेगा। पूर्व सैनिकों के किसी भर्ती के खाली रहे पदों को एक साल तक आगे के लिए कैरी फॉरवर्ड की जाती रहेगी।

गहलोत ने कल घोषणा की थी, आज कैबिनेट में नियम बदलने का फैसला

ओबीसी आरक्षण विसंगति को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक दिन पहले ही सुधार करने की घोषणा की थी। गहलोत ने पिछली बीजपी सरकार के समय 2018 में जारी सर्कूलर को वापस लेने के संकेत देते हुए हरीश चौधरी पर भी नाम लिए बिना निशाना साधा था। गहलोत ने कहा था ओबीसी नोजवानों की मांग भी वाजिब है। ओबीसी युवाओं की जो मांग है, पिछली सरकार से टेक्निकली गलती हुई है। हमने पूरा सर्वे करवाया है। पूरे देश 16 राज्यों और केंद्र के अंदर ओबीसी आरक्षण का जो फार्मूला है, वह फार्मूला राजस्थान में भी लागू होगा। किसी के साथ अन्याय किसी रूप में नहीं होगा।

पिछली कैबिनेट की बैठक में टल गया था मामला

ओबीसी के आरक्षण में पूर्व सैनिकों के कोटे को लेकर बीजेपी राज के समय 2018 में जारी सर्कूलर कोवापस लेने के मुद्दे पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और राजेंद्र गुढ़ा विरोध जता चुके हैं। यह मामला पिछली कैबिनेट की बैठक में आरया था लेकिन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियाावास ने इस पर चर्चा करने की मांग की थी, इसलिए इसे डेफर कर दिया गया था। पिछली कैबिनेट में मामला डेफर होने के बाद कांग्रेस के ​मंत्री विधायकों में खूब बयानबाजी हुई थी।

कांग्रेस के भीतर ही विवाद का कारण बन गया था मुद्दा
ओबीसी आरक्षण को लेकर बीजेपी राज के सर्कूलर को वापस लेने की मांग के मुद्दे पर कांग्रेस के भीतर ही दो फाड़ हो गए थे। हरीश चौधरी के मुद्दा उठाने के बाद मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, राजेंद्र गुढ़ा और सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने विरोध किया। उनकी मांग को पूर्व सैनिकों के हितों के खिलाफ बताया। गुढ़ा ने तो यहां तक कह दिया कि सरकार ने कैबिनेट में फेसला किया तो ईंट से ईंट बजा देंगे। मानवेंद्र सिंह ने सीएम को चिट्ठी लिखकर विरोध जताया था। हरीश चौधरी की मांग का मंत्री हेमाराम चौधरी ने समर्थन करते हुए जल्द फैसला करने की बात उठाई थी।

कैबिनेट ने ग्रामीण पर्यटन योजना को मंजूरी दी, ग्रामीण क्षेत्रों में होटल-रिसोर्ट बनाने के लिए मिलेगी छूट

कैबिनेट ने राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना- को मंजूरी दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन इकाई, कैम्पिंग साइट, कैरावेन पार्क खाोलने के लिए छूट देने का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में टृयूरिस्ट यूनिट्स को कई तरह की छूट मिलेंगी। 15 फीट चौड़ी सड़क पर कम से कम 1000 वर्गमीटर और अधिकतम 2 हैक्टेयर कृषि भूमि पर ट्यूरिस्अ यूनिट बनार सकेंगें इनके लिए लैंड यूज चेंज और बिल्डिंग प्लान मंजूर करवाने की जरूरत नहीं होगी। इनमें स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट सहित कई प्रावधान किए गए हैं।

बेघरों का पुनर्वास करेगी गहलोत सरकार,पॉलिसी मंजूर

राजस्थान बेघर उत्थान और पुनर्वास नीति को कैबिनेट ने मंजूर किया है। इस नीति में 50 वर्ग फीट प्रति व्यक्ति की न्यूनतम जगह के साथ छत उपलब्ध कराने, महिलाओं, मानसिक रूप से विक्षिप्तों और बीमारों को सुरक्षा उपलब्ध करवाए जाने के प्रावधान किए हैं। बेघरों को सरकार शेल्टर उलब्ध करवाएगी।

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