सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मौजूद है पर्याप्त वैक्सीन: आरसीएचओ बोले- हमारी कोशिश हैं कि एक भी वेक्सीन वायल एक्सपायर न हो



उदयपुर15 मिनट पहले

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जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन मे विगत 3 माह से काफी गिरावट आई है। जिले के प्रत्येक संस्थान पर प्रतिदिन कोविड वैक्सीन के सत्र आयोजित किए जाते है।

राज्य सरकार के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेवासियों को कोरोना से बचाव की दृष्टि से जिले के समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों पर कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। रोजाना सत्र आयोजित करते हुए प्रयास किया जा रहा है कि एक भी वायल एक्सपायर न हो और अधिक से अधिक लाभार्थी वैक्सीनेटेड हो सकें।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन मे विगत 3 माह से काफी गिरावट आई है। जिले के प्रत्येक संस्थान पर प्रतिदिन कोविड वैक्सीन के सत्र आयोजित किए जाते है। सभी को सेकंड डोज और प्रिकोशन डोज की ड्यू लिस्ट देकर निर्देशित किया जाता है कि सभी कोविड वैक्सीन के ड्यू लाभार्थी से सम्पर्क करे और एक भी लाभार्थी आने पर वायल खोलकर उसे वैक्सीनेटेड करे। उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर 12000 कोवैक्सीन उपलब्ध है जिसकी एक्सपायरी 31 जनवरी 2023 है और प्रतिदिन सत्र आयोजित किये जा रहे है। चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वायल मे बची शेष कोविड वैक्सीन की डोज को अगले 4 घंटे तक उपयोग में लेवें क्योकि कोविड वैक्सीन खोलने के बाद अगले 4 घंटे बाद एक्सपायर हो जाती है।

ओपन वायल को डिस्इंफेक्ट किया जाता है डॉ. आदित्य ने बताया कि शहर की सभी यूपीएचसी पर प्रतिदिन औसतन एक वायल ओपन होती है। सामान्यतः स्वास्थ्य केन्द्र पर 4 घंटे तक 10 लाभार्थी नहीं आ पाते है और इस कारण वायल मे शेष डोज 4 घंटे पश्चात खराब हो जाती है और इस वायल को उपयोग में नहीं लिया जात है। इन ओपन वायल को जिला स्टोर पर मंगवाया जाता है और वायल को डिस्इंफेक्ट करने हेतु ब्लीचिंग पाउडर केघोल मे रखा जाता है। घोल मे रखने के कारण वायल पर लगा लेबल उतर जाता है तथा खाली वायल को कॉमन ट्रीटमेंट फेसिलिटी पर डिस्पोजल के लिये भेज दिया जाता है। घोल में वायल को 2 घंटे से भी अधिक समय तक रखने पर भी वायल पर लगे लेबल पर स्याही नहीं मिटती है क्योंकि लेबल प्लास्टिक कोटेड होता हैं।

संभाग के जिलों ने लौटाई 21720 एक्सपायर डोज डॉ. आदित्य ने बताया कि वैक्सीनेशन के प्रति लोगों के रूझान न होने पर राज्य परियोजना निदेशक (टीकाकरण) केे निर्देशानुसार जिले में 31 दिसम्बर 2022 को एक्सपायर होने वाली कोवैक्सीन को एकत्र कर जिला वैक्सीन भण्डार, उदयपुर पर मंगवाने हेतु आदेशित किया गया था। इस पर जिले के कोल्ड चेन पाईन्ट से 8240 डोज कोवैक्सीन डोज जिला वैक्सीन भण्डार पर मंगवा ली गई थी तथा कोल्ड चेन पोईन्ट पर 5000 डोज शेष रखी गई थी ताकि वैक्सीनेशन निर्बाध रूप से चल सके। उन्होंने बताया कि राजसमन्द जिले से 2520 डोज, प्रतापगढ़ जिले से 3000 डोज एवं डूंगरपुर जिले से 7960 डोज उदयपुर संभागीय वैक्सीन स्टोर ने प्राप्त की। इस प्रकार उदयपुर संभागीय वैक्सीन स्टोर में कुल 21720 कोवैक्सीन डोज चार जिलों से प्राप्त हुई।

26 हजार नई डोज़ मिली डॉ. आदित्य ने बताया कि संभाग के जिलों से प्राप्त एक्सपायर डोज की सूचना राज्य पर भिजवा देने पर इन वैक्सीन के रिप्लेसमेंट हेतु भारत बायोटेक द्वारा 9 जनवरी 2023 को संभाग को 31 दिसम्बर 2022 को एक्सपायर होने वाली वैक्सीन के रिप्लेसमेंट में 26000 कोवैक्सीन प्राप्त हो गयी है जिसमें से उदयपुर जिले को 10000 डोज आंवटित की गयी है। डॉ. आदित्य ने कहा कि कोरोना केस कम आने के कारण लोगों में वेक्सीनेशन के प्रति उत्साह नहीं है जिससे वायल एक्सपायर होती ही है और एक्सपायर वायल के बदले कंपनी द्वारा नई वायल भी उपलब्ध करा दी जाती है। विभाग का प्रयास है कि वायल का अधिकाधिक लोगों के वेक्सीनेशन में उपयोग हो इसके लिए चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।

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