शादी से 6 महीने पहले शहीद हुए उदयपुर के मेजर: हेलिकॉप्टर क्रैश से पहले की थी मंगेतर से बात, कहा था- कुछ देर बाद फिर कॉल करूंगा



उदयपुर18 मिनट पहले

मुस्तफा पिछले 9 वर्षो से आर्मी में थे। तीन साल पहले वे पायलट बने थे। उनका दो बार प्रमोशन भी हुआ था।

अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में मिलिट्री हेलिकॉप्टर क्रैश में उदयपुर के पायलट मेजर मुस्तफा जकीउद्दीन बोहरा (27) शहीद हो गए। मुस्तफा पिछले 9 सालों से आर्मी में थे। तीन साल पहले पायलट बने थे। उनका दो बार प्रमोशन भी हुआ था। शुक्रवार को मुस्तफा ने उड़ान भरने से पहले अपनी मंगेतर से बात की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ देर बाद वे फिर कॉल करेंगे। मुस्तफा की 8 महीने पहले 11 जनवरी को सगाई हुई थी। अप्रैल में शादी होनी थी।

मूल रूप से उदयपुर जिले के खेरोदा गांव के रहने वाले मुस्तफा के हेलिकॉप्टर क्रैश होने की जानकारी सबसे पहले उनकी मां और छोटी बहन को फोन पर मिली। इसके बाद उनकी मां सदमे में हैं। वे बार-बार बेसुध हो रही है। मुस्तफा के पिता जलीउद्दीन बोहरा कुवैत में प्रिन्टिंग से जुड़ी जॉब करते हैं। दुखद सूचना मिलने के बाद वो भी इंडिया पहुंच चुके हैं। शनिवार दोपहर बाद वे अहमदाबाद से उदयपुर पहुंचे। आखिरी बार मुस्तफा की सगाई और परिवार में हुई एक शादी में वे उदयपुर आए थे। इसके बाद वे मुस्तफा से नहीं मिले। उनका परिवार पिछले 7 सालों से उदयपुर की अजंता गली में एक मकान में किराए पर रह रहा है। मुस्तफा की मां फातिमा बोहरा हाउस वाइफ हैं। छोटी बहन एलेफिया डेन्टिस्ट की पढ़ाई कर चुकी हैं।

बीते दिनों मुस्तफा उदयपुर आए थे, तब उन्होंने परिवार के लोगों के साथ फोटो खिंचवाए थे।

मुस्तफा के बड़े पापा आबिद अली ने बताया कि मुस्तफा बचपन से होनहार स्टूडेंट रहे थे। उन्हें किताबें पसंद थीं। NDA जाने की इच्छा उन्होंने सबसे पहले मां को बताई थी। मां ने भी तुरंत हां कर दिया। इसके बाद उन्होंने तैयारी की। रोजाना 10-11 घंटे पढ़ते थे। सेना में जाने का सपना उन्हें घंटों तक सोने नहीं देता था। वे जल्दी उठकर पढ़ाई करते। उनकी हर बात में देश, सेना और मानवता के साथ हर एक की सेवा करना होता था। दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी वो इन्हीं टॉपिक्स पर बात किया करते थे।

अपने जीजा के साथ मुस्तफा बोहरा।

अपने जीजा के साथ मुस्तफा बोहरा।

NDA के जरिए हुआ था सिलेक्शन
9 साल पहले NDA एग्जाम के जरिए मुस्तफा का सिलेक्शन हुआ था। इसके बाद उन्हें आर्मी में जॉइनिंग मिली थी। उन्हें आर्मी वर्दी से बहुत ज्यादा लगाव था। मुस्तफा अपनी बटालियन के साथ पहले जोधपुर में पोस्टेड थे। करीब 1 साल पहले उनकी बटालियन जोधपुर से शिफ्ट हुई थी। उनके साथ उदयपुरवाटी के रहने वाले को-पायलट रोहिताश्व भी मौजूद थे।

जनवरी में ही मुस्तफा की सगाई हुई थी। मंगेतर पुणे में रहकर एमबीए कर रही हैं। उदयपुर के साइफन इलाके में उनका घर बन रहा है। खेरोदा गांव के उदय शिक्षा मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय से मुस्तफा की शुरुआती पढ़ाई हुई है। इसके बाद वे उदयपुर के सेंट पॉल स्कूल में पढ़े। कुछ समय पहले परिवार में हुई एक शादी में मुस्तफा खेरोदा गए थे।

आबिद अली ने बताया कि शुक्रवार शाम को उन्हें मुस्तफा के हेलिकॉप्टर क्रैश होने की जानकारी मिली। मुस्तफा उनके परिवार का रियल हीरो था। खेरोदा गांव ही नहीं बल्कि पूरा बोहरा समाज को उनके बेटे पर गर्व था।

मेजर मुस्तफा के घर पर मातम पसरा है। शहीद होने की खबर सबसे पहले उनकी मां और छोटी बहन को फोन पर मिली।

मेजर मुस्तफा के घर पर मातम पसरा है। शहीद होने की खबर सबसे पहले उनकी मां और छोटी बहन को फोन पर मिली।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार मुस्तफा की पार्थिक देह को पहले दिल्ली भेजा जाएगा। उसके बाद दिल्ली से पार्थिव देह को उदयपुर भेजा जाएगा। उदयपुर में अंतिम संस्कार कहां होगा, इस पर अब तक निर्णय नहीं लिया गया है। रविवार को अंतिम संस्कार पैतृक गांव खेरोदा में किया जा सकता है। हालांकि मुस्तफा का पूरा परिवार उदयपुर में रहता है। शनिवार देर रात तक पार्थिव देह दिल्ली से उदयपुर पहुंच सकती है।

शुक्रवार को क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर
अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में मिलिट्री हेलिकॉप्टर ‘रुद्र’ शुक्रवार को क्रैश हुआ था। हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ था। हेलिकॉप्टर में दो पायलट सवार थे। हादसे के बाद दोनों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उनमें से लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। हादसा टूटिंग हेडक्वार्टर से 25 किलोमीटर दूर सिंगिंग गांव के पास हुआ। जहां हादसा हुआ, वो एरिया सड़क मार्ग से कनेक्टेड नहीं है। भारतीय सेना के मुताबिक, दोपहर तक हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए 4 लोगों के शव मिल गए थे। रुद्र सेना का अटैक हेलिकॉप्टर है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ( HAL) ने भारतीय सेना के लिए बनाया है। यह हल्के ध्रुव हेलिकाप्टर का वेपन सिस्टम इंटीग्रेटेड (WSI) Mk-IV संस्करण है। इससे पहले 5 अक्टूबर को भी तवांग में चीता हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था।

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