लंदन में रामायण पाठ की गूंज: रामायण सत्संग परिवार ने UK में किया अखंड पाठ; 17 साल पहले हुआ शिफ्ट



जोधपुर5 घंटे पहले

रामायण सत्संग परिवार ने लंदन में वार्षिक अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन किया। यह आयोजन बरकिंगसाइड लन्दन में किया गया। रामायण सत्संग परिवार यूके लगभग 30 भारतीय परिवारों का समूह है। ये 2005 से 2008 के बीच भारत से इग्लैंड आकर बस गये थे। यह ग्रुप 2009 से इस कार्यक्रम का आयेाजन कर रहा है। हर वर्ष इस ग्रुप के सदस्य अपने घर से रामायण सिर पर उठा कर ढोलक के साथ आते हैं और रामायण का पाठ करते हैं।

कुछ परिवारों ने स्थापना पूजा की । जिसके अन्तर्गत पवित्र रामायण ग्रंथ को सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया।

इस वीकेंड 8 व 9 अक्टूबर को भी रामायण सत्संग परिवार ने अखंड रामायण का पाठ किया। श्रीराम के जयकारों के साथ पूर्ण आरती की। इस आयोजन में प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया।

परिवारों ने अखंड रामायण के पाठ के बाद हवन भी किया।

परिवारों ने अखंड रामायण के पाठ के बाद हवन भी किया।

इस आयोजन के पीछे रामायण सत्संग परिवार का उद्देश्य विदेशी धरती पर हिन्दू संस्कृति और परम्पराओं को जीवित बनाये रखना है। अखण्ड रामायण पाठ के अन्तर्गत रामायण के सात खंडों का मंत्रोच्चारण बिना किसी अंतराल के अनवरत किया जाता है जिसमें 24 घण्टों से कुछ अधिक समय लगता है।

2009 से यह कार्यक्रम लगातार प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है एवं कोविड विश्वमारी के समय भी पूर्ण सावधानी बरतते हुए इसका आयोजन किया गया था एवं इसका सीधा प्रसारण समूह के फेसबुक पेज पर किया गया था।

2009 से यह कार्यक्रम लगातार प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है एवं कोविड विश्वमारी के समय भी पूर्ण सावधानी बरतते हुए इसका आयोजन किया गया था एवं इसका सीधा प्रसारण समूह के फेसबुक पेज पर किया गया था।

सोशल मीडिया पर करते है लाइव
2009 से यह कार्यक्रम लगातार प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है एवं कोविड विश्वमारी के समय भी पूर्ण सावधानी बरतते हुए इसका आयोजन किया गया था एवं इसका सीधा प्रसारण समूह के फेसबुक पेज पर किया गया था। जिससे जो लोग मौक पर नहीं पहुंच पाए वह लाइव जुड़े रहे।

शोभा यात्रा के दौरान कुछ परिवारों ने स्थापना पूजा की । जिसके अन्तर्गत पवित्र रामायण ग्रंथ को सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। स्थापना पूजा के पश्चात् हारमोनियम एवं नगाड़ों की जोश भर देने वाली संगीत ध्वनि के साथ मन्त्रोच्चार किया गया।

शोभा यात्रा के दौरान कुछ परिवारों ने स्थापना पूजा की । जिसके अन्तर्गत पवित्र रामायण ग्रंथ को सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। स्थापना पूजा के पश्चात् हारमोनियम एवं नगाड़ों की जोश भर देने वाली संगीत ध्वनि के साथ मन्त्रोच्चार किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन बारकिंगसाइड की अवन्ति कोर्ट प्राइमरी (इस्कोन) स्कूल में किया गया था। अखंड रामायण की शुरुआत से पहले एक शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा के दौरान कुछ परिवारों ने स्थापना पूजा की । जिसके अन्तर्गत पवित्र रामायण ग्रंथ को सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। स्थापना पूजा के पश्चात् हारमोनियम एवं नगाड़ों की जोश भर देने वाली संगीत ध्वनि के साथ मन्त्रोच्चार किया गया।

समिति द्वारा पाँच सौ लोगों के लिए शनिवार की शाम को एवं 300 लोगों के लिए रविवार की सुबह प्रसादी की व्यवस्था की गई थी।

समिति द्वारा पाँच सौ लोगों के लिए शनिवार की शाम को एवं 300 लोगों के लिए रविवार की सुबह प्रसादी की व्यवस्था की गई थी।

800 लोगों ने राजस्थानी खाने का उठाया लुत्फ
कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति द्वारा पाँच सौ लोगों के लिए शनिवार की शाम को एवं 300 लोगों के लिए रविवार की सुबह प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। इस कार्यक्रम में लंदन एवं आस-पास के शहरों में रहने वाले लगभग 1500 नागरिकों द्वारा बड़ी संख्या में भाग लिया गया।

ग्रुप के सदस्यों ने प्रसादी बनाई। शनिवार और रविवार को प्रसादी का अयोजन किया गया।

ग्रुप के सदस्यों ने प्रसादी बनाई। शनिवार और रविवार को प्रसादी का अयोजन किया गया।

अखण्ड पाठ के समय मंत्रोच्चारण ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

नाटिका के मंचन के बाद बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक स्वरूप समूह की मातृशक्ति द्वारा निर्मित रावण के पुतले का दहन किया गया।

नाटिका के मंचन के बाद बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक स्वरूप समूह की मातृशक्ति द्वारा निर्मित रावण के पुतले का दहन किया गया।

लघु नाटिका भी प्रस्तुत की
इसके साथ ही आयोजकों ने रामलीला की लघु नाटिका के माध्यम से भगवान राम के जन्म प्रसंग को प्रस्तुत किया। इस नाटिका में अनेक बच्चों ने बड़े मनोयोग से भाग लिया और महत्वपूर्ण पात्रों का अभिनय कर कथानक की बारीकियों को समझा। नाटिका के मंचन के बाद बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक स्वरूप समूह की मातृशक्ति द्वारा निर्मित रावण के पुतले का दहन किया गया।

रामायण सत्संग परिवार यूके लगभग 30 भारतीय परिवारों का समूह है, जो 2005 से 2008 के बीच भारत से इग्लैंड आकर बस गये थे। यह ग्रुप 2009 से इस कार्यक्रम का आयेाजन कर रहा है।

रामायण सत्संग परिवार यूके लगभग 30 भारतीय परिवारों का समूह है, जो 2005 से 2008 के बीच भारत से इग्लैंड आकर बस गये थे। यह ग्रुप 2009 से इस कार्यक्रम का आयेाजन कर रहा है।

खबरें और भी हैं…



Source link


Like it? Share with your friends!

What's Your Reaction?

hate hate
0
hate
confused confused
0
confused
fail fail
0
fail
fun fun
0
fun
geeky geeky
0
geeky
love love
0
love
lol lol
0
lol
omg omg
0
omg
win win
0
win
khabarplus

0 Comments

Your email address will not be published.