भ्रष्ट अफसरों पर केस चलाने की मंजूरी को कमेटी बनेगी: सरकार के चिंतन शविर में लापरवाह अफसरों को गहलोत की फटकार, पेपरलीक मामला छाया रहा




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जयपुर3 मिनट पहले

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प्रदेश में अब भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज होने के बाद उस पर केस चलाने का फैसला करने के लिए एक हाईपावर कमेअी बनेगी। यह हाईपावर कमेटी ही एसीबी मामलों में केस चलारने क मंजूरी देने या नहीं देने पर फैसला करेगी। ​सरकार के चार साल के कामकाज पर जयपुर के ओटीएस में चल रहे चिंतन शिविर में यह फैसला किया गया है। यह कमेटी तय समय में और जल्दी केस चलाने की मंजूरी देगी। चिंतन शिविर में तैयारी करके नहीं आने वाले अफसरों को सीएम ने फटकार लगाई।

चिंतन शिविर से पहले हुई कैबिनेट की बैठक में भी इस मामले पर चर्चा की गई थी। एसीबी में ट्रैप हुए और भ्रष्टाचार या आय से ज्यादा संपत्ति के मामलों में केस चलाने की मंजूरी देने में अब विभागों का दबदबा खत्म हो जाएगा। भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी देने और रिव्यू करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। इस कमेटी में गृह विभाग के एसीएस या प्रमुख सचिव, काम्रिक विभाग के प्रमुख सचिव और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अफसर मेंबर होंगे। यह कमेटी भ्रष्टाचार के आरोप में एसीबी में मामला दर्ज होने पर या ट्रैप होने के मामले में केस चलाने की मंजूरी देने पर फैसला करेगी।

एसीबी के मामलों में विभाग लंबे समय तक नहीं देते केस चलाने की मंजूरी
एसीबी में पकड़े गए भ्रष्ट अफसरों ओर कर्मचारियों के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी ( अभियोजन स्वीकृति)संबंधित विभाग देता है। विभाग कई बार भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों के खिलाफ लंबे समय तक केस चलाने की मंजूरी नहीं देते हैं जिससे केस कमजोर पड़ जाता है, इसका फायदा आरोपी को मिलता है। कोर्ट भी तय समय में केस चलाने की मंजूरी देने पर आदेश दे चुका है लेकिन अब भी देरी आम बात है।

लापरवाह अफसरों को गहलोत की फटकार और चेतावनी

चिंतन शिविर के दौरान लापरवाह अफसरों को सीएम अशोक गहलोत ने फटकार लगाते हुए परफॉर्मेंस सुधारने की चेतावनी दी। मंत्रियों के प्रजेंटेशन के दौरान खूब सवाल जवाब भी हुए। हर विभाग के प्रजेंटेशन के दौरान बजट घोषणाओं और कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए गए वादों पर हुए काम का रिव्यू किया गया। मुख्य सचिव ने प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि पिछले चार साल में 2722 घोषणाएं हुईं जिनमें से 2549 की फाइनेंसियल सैंक्शन जारी कर दी है। 94 फीसदी घोषणाओं की फाइनेंसियल सैंक्शन जारी हो चुकी है।

खाचरियावास बोले- कमेटी से एसीबी को मजूबत किया है
खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने चिंतन शिविर में मीडिया से बातचीत में कहा- भ्रष्ट अफसर कर्मचारियों के खिलाफ केस चलाने पर फैसले को कमेअी बनाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसीबी को मजबूत करने का काम किया है। कमेटी जब एसीबी में आए केसों के मामलों को लेकर यह फैसला लेगी कि वह केस चलने लायक है या नहीं है, तो हाई लेवल पर फैसला होगा। इससे अभियोजन स्वीकृति के लिए एसीबी को विभागों का मुंह नहीं देखना पड़ेगा। एसीबी को मजबूती मिलेगी।

पेपर लीक और कोटा का मामला छाया रहा, कोचिंग और निजी यूनिवर्सिटी पर कंट्रोल के लिए बिल लाएगी सरकार

चिंतन शिविर के दौरान पेपर लीक और कोआ आारटीयू में प्रोफेसर का छात्रा से नंबर बढाने के नाम पर अनुचित डिमांड करने जैसे मामलों पर लंबी चर्चा हुई। खाचरियावास ने कहा कि कोटा मामले को मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है। परीक्षाओं के पेपर लीक के मामले पर भी लंबा डिस्कशन हुआ है। सरकार इन मामलों पर सख्त रुख अपनाएगी। कोचिंग और निजी यूनिवर्सिटी पर कंट्रोल के लिए सरकार बिल लाएगी।

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