भू उपयोग परिवर्तन के आदेश को लेकर हाईकोर्ट का नोटिस: कलेक्टर समेत अन्य पक्षकारों से मांगा जवाब, कहा- क्यों न आदेश को रद्द किया जाए



टोंक42 मिनट पहले

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कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

टोंक जिले में नगरफोर्ट-नैनवां स्टेट हाईवे पर पेट्रोल पंप लगाने के लिए भू उपयोग परिवर्तन के आदेश के मामले में हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने संबंधित पक्षकारों को नोटिस दिए हैं। हाईकोर्ट ने कोटा में भारत पेट्रोलियम के प्रबंधक, कलेक्टर, देवली SDM, नगरफोर्ट के ग्राम विकास अधिकारी सहित 4 अन्य को नोटिस जारी किया है। साथ ही इनसे पूछा है कि क्यों न पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए किए गए भू उपयोग परिवर्तन के आदेश को रद्द कर दिया जाए? न्यायाधीश अशोक कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश नगर फोर्ट के सुवालका फिलिंग स्टेशन के अश्विनी कुमार व कमलेश गौतम द्वारा एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा के जरिए दायर की गई याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए हैं।

याचिका में बताया गया है कि भारत पेट्रोल पंप के लिए खसरा नंबर 643 की जमीन पर आवंटन किया गया। इस जमीन से ठीक आगे चारागाह जमीन है, जिसे ग्राम पंचायत नगरफोर्ट ने पंचायत की बैठक के बाद फर्जी प्रस्ताव पारित कर पेट्रोल पंप के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दी, जबकि ग्राम पंचायत के सरपंच व उप सरपंच ने 21 दिसंबर 2020 को लिखकर दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव ग्राम पंचायत ने जारी नहीं किया है।

याचिका में बताया गया कि तत्कालीन टोंक कलेक्टर ने 26 अक्टूबर 2020 को एसडीओ देवली को पत्र भेजकर कहा कि यह चारागाह जमीन है, ऐसे में खसरा नंबर 634 का भू उपयोग नहीं बदला जा सकता है और पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए एनओसी नहीं दी जा सकती है। इसके बाद भी 27 जनवरी 2022 को कलेक्टर ने इस जमीन का भू उपयोग परिवर्तन कर दिया। ऐसे में बगैर ग्राम पंचायत की एनओसी के चारागाह जमीन का भू उपयोग परिवर्तन अवैधानिक और गैर कानूनी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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