बूथ कनेक्ट के लिए भाजपा का संभागवार प्लान: पीएम का दक्षिण तो शाह का पश्चिमी राजस्थान पर फोकस



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जयपुर15 मिनट पहले

राजस्थान में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर BJP ने खुद को स्पीड-अप कर लिया है। चुनावों को लेकर अब BJP केंद्र के प्रमुख चेहरों को बूथ के लोगों से कनेक्ट करने की स्ट्रेटेजी पर चल रही है। इस प्लानिंग के जरिए भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित केंद्र के प्रमुख चेहरों को बूथ लेवल तक कनेक्ट करेगी।

BJP ने इसकी शुरुआत पिछले महीने हुए गृहमंत्री शाह के दौरे से की है। BJP के टॉप 3 नेताओं मोदी, शाह और नड्‌डा के अब तक के दौरों पर नजर डाले तो तीनों ने राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों को छुआ है। इस बहाने राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में BJP के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को मजबूत करने का प्लान है।

10 सितंबर को जोधपुर के रावण चबूतरा मैदान में BJP का बूथ सम्मेलन का आयोजन हुआ था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कार्यक्रम में शामिल हुए थे। शाह ने लॉ एंड ऑर्डर के मामले में गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि गहलोत ने राजस्थान में सुनियोजित दंगे करवाए। हिंदू त्योहारों पर प्रतिबंध हम सहन नहीं करेंगे।

अमित शाह ने जोधपुर में भरी थी हुंकार
10 सितम्बर को गृहमंत्री अमित शाह का जोधपुर का दौरा हुआ। यहां वे ओबीसी मोर्चे के सम्मेलन में शामिल हुए। जोधपुर से पहले गृहमंत्री ने जैसलमेर का भी दौरा किया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गढ़ में अमित शाह के इस कार्यक्रम से राजस्थान में चुनावी बिगुल बज गया था। अमित शाह के इस दौरे से पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से को BJP ने छू लिया।

पीएम मोदी पहुंचे थे आबूरोड, एक बार फिर दक्षिण में ही दौरा
30 सितम्बर को पीएम नरेंद्र मोदी आबूरोड पहुंचे। राजस्थान-गुजरात के बॉर्डर पर पीएम मोदी की सभा होनी थी। 10 बज जाने से पीएम मोदी ने सभा तो नहीं की। मगर कुछ मिनट की उपस्थिति में मोदी ने दक्षिणी राजस्थान में सियासी माहौल बना दिया। पीएम मोदी का राजस्थान में अगला दौरा भी दक्षिणी राजस्थान में ही होना है। डूंगरपुर में बेणेश्वर धाम या बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में यह दौरा हो सकता है। हालांकि इसका अधिकारिक कार्यक्रम अब तक नहीं आया है।

30 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 10:15 बजे आबूरोड पहुंचे थे। रात 10 बजे बाद लाउड स्पीकर पर रोक है। PM ने मंच से बिना माइक के जनता से कहा, ‘मुझे पहुंचने में देर हो गई। रात के 10 बज गए हैं। मेरी आत्मा कहती है कि मुझे नियम-कानून का पालन करना चाहिए। इसलिए मैं आप सभी से क्षमा मांगता हूं।'

30 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 10:15 बजे आबूरोड पहुंचे थे। रात 10 बजे बाद लाउड स्पीकर पर रोक है। PM ने मंच से बिना माइक के जनता से कहा, ‘मुझे पहुंचने में देर हो गई। रात के 10 बज गए हैं। मेरी आत्मा कहती है कि मुझे नियम-कानून का पालन करना चाहिए। इसलिए मैं आप सभी से क्षमा मांगता हूं।’

नड्‌डा कोटा आएंगे, पहले भी पूर्वी राजस्थान पर था फोकस
इधर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा 20-21 अक्टूबर को राजस्थान में कोटा संभाग के दौरे पर रहेंगे। यहां उनकी सभाएं होंगी। इसी साल उन्होंने सवाईमाधोपुर में भी एक बड़ी रैली की थी। इस बहाने नड्‌डा के पूर्वी और दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान काे साधने की तैयारी है। इस इलाके में BJP थोड़ी कमजोर है। हाल ही में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने यहां का दौरा किया है। वहीं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा भी यहीं से निकलनी है। पिछले कुछ समय से BJP प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया भी इस इलाके में सक्रिय रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लगातार राजस्थान में सक्रिय हैं। 30 अगस्त को वे उदयपुर दौरे पर आए थे। इसके बाद जोधपुर का दौरा किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लगातार राजस्थान में सक्रिय हैं। 30 अगस्त को वे उदयपुर दौरे पर आए थे। इसके बाद जोधपुर का दौरा किया।

राजनाथ सिंह का जोधपुर और उदयपुर दौरा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लगातार पिछले कुछ समय से राजस्थान में सक्रिय हैं। उन्होंने इसी महीने जोधपुर का दौरा किया। यहां वे वायुसेना के कार्यक्रम में शामिल हुए। इससे पहले वे जैसलमेर-बाड़मेर का दौरा भी कर चुके थे। अगस्त महीने के अंत में उन्होंने उदयपुर का दौरा भी किया था। वहां वे पन्नाधाय की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

कार्यकर्ता जुड़ता है, मॉनिटरिंग भी होती है
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि ये हमारी बूथ कनेक्ट प्लानिंग के तहत है। बड़े-बड़े नेताओं के अलग-अलग जगहों पर दौरे कराए जा रहे हैं, ताकि राजस्थान के हर हिस्से का बूथ कार्यकर्ता कनेक्ट हो सके। इसमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों सहित प्रमुख नेता शामिल है। इससे पार्टी को चुनाव में फायदा होगा। इससे हर डिवीजन का कार्यकर्ता अपने नेताओं से जुड़ जाता है। साथ ही प्रमुख नेताओं के प्रदेश में आने से यहां के माहौल के बारे में पता चलने के साथ-साथ उनकी ओर से मॉनिटरिंग भी हो जाती है।

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