पेड़ से लटका मिला युवक का शव: 10 दिन से था लापता, पहाड़ पर बेर तोड़ने गए बच्चों को दिखा



करौली2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

10 दिन से लापता ग्राम पंचायत महोली के गांव आलमपुर निवासी युवक का शव गांव के ही पहाड़ पर स्थित पेड़ से रस्सी से लटका मिला।

पढ़ाई के साथ-साथ अपने परिवार का पेट पालने के लिए सूरत में मार्बल मिस्त्री का काम करने वाले 10 दिन से लापता ग्राम पंचायत महोली के गांव आलमपुर निवासी युवक का शव गांव के ही पहाड़ पर स्थित पेड़ से रस्सी से लटका मिला। सूचना पर मौके पर पहुंची मामचारी थाना पुलिस ने लाश को कैलादेवी अस्पताल कि मोर्चरी में रखवाया, जहां पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के सुपूर्द कर दिया।

मामचारी थानाधिकारी ओमेंद्र सिंह ने बताया कि 30 अक्टूबर को एक युवक ने मामला दर्ज कराते हुए बताया कि ग्राम पंचायत महोली के गांव आलमपुर का युवक मीनू अपने दोस्त के साथ पहाड़ की तरफ शौच करने के लिए आया था। दोस्त बोतल में पानी लेने के लिए गया तब तक मीनू वहां से कहीं दूर निकल गया। दोस्त ने उनके घर वालों को बताया कि मेरे साथ मीनू पहाड़ की तरफ शौच करने के लिए गया था, लेकिन में जब तक पानी भरकर लौटा तो मुझे मीनू वहां नही मिला। परिजनों ने कई जगह ढूंढ़ा, लेकिन कहीं उसका पता नहीं लगा। गांव के बालक पहाड़ में बेर तोड़ने के लिए गए थे। उनको पेड़ से लटका हुआ युवक दिखा और उससे दुर्गंध आ रही थी। जिसकी जानकारी बच्चों ने अपने परिजनों को और परिजनों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतारा और आलमपुर गांव से किशोर की गुमशुदगी पर पीडित परिवजनों को बुलाकर पहचान कराई और पहचान होने पर एंबुलेंस की मदद से शव को कैलादेवी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम करने के लिए रखवाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सुपूर्द कर दिया।

कपड़ों और जंतर से हुई शिनाख्त
मामचारी थाने में आलमपुर के किशोर की शिकायत दर्ज होने पर उन्होंने शिकायतकर्ताओं को मौके पर बुलाया। शव काफी दिन पूराना होने से दुर्गंध आ रही थी और शव पूरी तरह खराब हो चुका था। जिस पर परिजनों ने शव के गले में जंतर के होने पर मीनू का ही होना बताया और मीनू के रुप में उसकी पहचान की। जैसे ही शिनाख्त हुई परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

इस साल होनी थी शादी
परिजनों के अनुसार एक वर्ष पहले कुड़गांव थाना क्षेत्र के डफरपुर गांव से मीनू की मंगनी हुई थी, लेकिन इस वर्ष ही शादी के बंधन में बनने से पहले ही उसने मौत को गले लगा लिया। मीनू अपने परिवार को पेट पालन करने के लिए पढ़ाई के साथ सूरत में मार्बल मिस्त्री का काम भी करता था और दीपावली पर ही घर वापस आया था। मीनू की मानसिक स्थिति एक महीने से खराब चल रही थी और कई बार सुसाइड करने की बात भी कह चुका था। डॉक्टरों ने बताया कि शव लगभग एक सप्ताह से अधिक समय पूराना है और शरीर पर कही भी चोट के कोई निशान नहीं है।

खबरें और भी हैं…



Source link


Like it? Share with your friends!

What's Your Reaction?

hate hate
0
hate
confused confused
0
confused
fail fail
0
fail
fun fun
0
fun
geeky geeky
0
geeky
love love
0
love
lol lol
0
lol
omg omg
0
omg
win win
0
win
khabarplus

0 Comments

Your email address will not be published.