दीवाली पर पटाखों से हमला, देखें VIDEO: एक-दूसरे पर चलाए रॉकेट, फेंके बम, पुलिस जवान सहित 10 लोग झुलसे



अजमेरएक घंटा पहले

दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की शाम को अजमेर जिले के केकड़ी में घास भैंरव की सवारी निकाली गई। इस दौरान रोक के बावजूद एक दूसरे पर जमकर पटाखें फेंके। पटाखों की होली के बीच पुलिस की सख्ती भी बेअसर दिखी। इससे पुलिस जवान सहित कुछ लोग झुलस भी गए। लेकिन परम्परा की आड़ में मनोरंजन का यह खतरनाक खेल इस साल भी हुआ। इस दौरान कुछ युवकों को पकड़ा लेकिन बाद में समझा कर छोड़ दिया गया।

केकड़ी में गोवर्धन पूजा की रात को घास भेरू की सवारी के दौरान परंपरा के चलते लोग एक दूसरे पर पटाखे फेंक कर अंगारों की होली खेलते रहे। यह करीब 300 साल पुरानी पंरपरा है। इसमें पहले घास भेरू की सवारी निकाली जाती है। इसके बाद आमने-सामने मौजूद दो पक्षों के लोग एक-दूसरे पर पटाखे और अंगार फेंकते हैं। इस दौरान पटाखों की आतिशबाजी से पुलिस जवान करीब 10 लोग झुलस भी गए। हालांकि इनकी हालत इतनी गंभीर नहीं है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खेल को खेल की तरह लेना चाहिए, न कि किसी को विशेष नुकसान पहुंचाना चाहिए।

घास भैंरू की सवारी की दौरान छोडे़ गए पटाखों में एक पुलिस जवान सहित कई लोग झुलस गए।

घांस भैंरू की सवारी सदर बाजार से शुरू होकर लोढ़ा चौक, माणक चौक,सुरजपोल गेट,माली मौहल्ला,भैरु गेट,बडा गुवाड़ा,सरसड़ी गेट,खिड़की गेट होते हुए पुनः सदर बाजार पहुंचकर संपंन्न हुई। पुलिस और प्रशासन की ओर से दिनभर और रात के समय पुख्ता बंदोबस्त किए गए। घास भेरू की सवारी के दौरान युवाओं ने एक-दूसरे पर जमकर खतरनाक पटाखे फेंके। प्रशासन और पुलिस की सख्ती भी बेअसर दिखी। इस सम्बन्ध में केकड़ी थाना प्रभारी राजवीरसिंह ने बताया कि घास भैरू की सवारी में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता लगाया गया। एक दूसरे पर पटाखें नहीं फैंके, इसके लिए रोका गया। कुछ को पकड़ा और समझाइश कर छोड़ा।

एक युवक को झुलसने पर अस्पताल में भर्ती कराया।

एक युवक को झुलसने पर अस्पताल में भर्ती कराया।

आग भी लगी, दमकल ने पाया काबू

इस दौरान जुवाड़िया मौहल्ला स्थित एक किराणा स्टोर में आग लग गई। आग से नारियल व काउंटर सहित अन्य सामान जलकर राख हो गए। इसी तरह मंगल विहार काॅलोनी में भी आग लग गई। आग पर दमकल की मदद से काबू पाया गया।

गोवर्धन पूजा की शाम को अजमेर जिले के केकड़ी में घास भैंरव की सवारी निकाली गई। इस दौरान रोक के बावजूद एक दूसरे पर जमकर पटाखें फैंके। पटाखों की होली के बीच पुलिस की सख्ती भी बेअसर दिखी।

गोवर्धन पूजा की शाम को अजमेर जिले के केकड़ी में घास भैंरव की सवारी निकाली गई। इस दौरान रोक के बावजूद एक दूसरे पर जमकर पटाखें फैंके। पटाखों की होली के बीच पुलिस की सख्ती भी बेअसर दिखी।

एक दशक से है पाबंदी, लेकिन बेअसर
स्थानीय प्रशासन ने इस खतरनाक खेल पर प्रतिबंध भी लगा रखा है। गत वर्ष तो पुलिस ने लाठियां फटकार एक-दूसरे पर पटाखे फेंक रहे लोगों को खदेड़ा भी था। इस बार दीपावली के अगले दिन सूर्य ग्रहण होने की वजह से गोवर्धन पूजा सूतक खत्म होने के बाद हुई। यानी 25 अक्टूबर को ग्रहण था, तो अगले दिन 26 को घास भैंरव की सवारी निकाली गई।

एक दूसरे पर पटाखें फैंकने से कुछ लोग झुलस भी गए। जिनका प्राथमिक उपचार केकड़ी अस्पताल में कराया गया।

एक दूसरे पर पटाखें फैंकने से कुछ लोग झुलस भी गए। जिनका प्राथमिक उपचार केकड़ी अस्पताल में कराया गया।

ऐसे शुरू हुआ खतरनाक अंगारों का खेल
बताया जाता है कि घास भैरव की सवारी निकालने की परंपरा 300 वर्ष से अधिक पुरानी है। केकड़ी कस्बे में गणेश प्याऊ के समीप से घास भैरव की सवारी निकाली जाती है, जो पुराने कस्बे में घूमती हुई वापस देर रात तक गणेश प्याऊ के समीप पहुंचती है। घास सवारी खींचने के लिए बैल शामिल होते है। बैलों को हरकत में लाने के लिए उनके पैरों में पटाखे फोड़े जाते थे।

घस भैरू की सवारी के दौरान पुलिस जाब्ता भी भारी संख्या में मौजूद रहा। इस दौरान उपद्रवी कुछ युवकों को भी पुलिस ने पकड़ा। जिन्हे बाद में छोड़ दिया गया।

घस भैरू की सवारी के दौरान पुलिस जाब्ता भी भारी संख्या में मौजूद रहा। इस दौरान उपद्रवी कुछ युवकों को भी पुलिस ने पकड़ा। जिन्हे बाद में छोड़ दिया गया।

बदरंग हुई परम्परा, एक दूसरे पर फैंकने लगे पटाखें
पिछले ढाई दशक से इस परंपरा का रूप बदरंग होता चला गया। घास भैरव की सवारी में लोग एक-दूसरे पर पटाखे फेंकते है। अंगारों का यह खेल रात के अंधेरे में होता है। घास भैरव की सवारी में अब कस्बे की लोग ही नहीं बल्कि आसपास क्षेत्र के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में भाग लेने लगे हैं। इस कारण लोगों की संख्या भी काफी रहती हैं।

रोक के बावजूद एक दूसरे पर लगातार फैंकते रहे पटाखें। पुलिस जाब्ता भी मौजूद रहा लेकिन सख्ती बेअसर रही।

रोक के बावजूद एक दूसरे पर लगातार फैंकते रहे पटाखें। पुलिस जाब्ता भी मौजूद रहा लेकिन सख्ती बेअसर रही।

((इनपुट-मनोज गुर्जर, केकड़ी)

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