तबादले का आदेश जारी हो जाता है: प्रदेश में 100 नायब व तहसीलदारों की 8 महीने में 3 ‘बदली’ जैसे ही काम संभालते हैं



जयपुरएक घंटा पहले

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तबादलों से परेशान तहसीलदार की आत्महत्या के बाद उठे सवाल।

सबसे अधिक किसानों के काम-काज पर हो रहा असर, लगा रहे हैं चक्कर
राजस्व विभाग व रेवेन्यू बोर्ड ने आठ महीने में तहसीलदार सेवा (आरटीएस) के 1370 तहसीलदार व नायब तहसीलदार का तबादला कर दिया। रेवेन्यू बोर्ड ने 20 तबादला सूचियों में 617 तहसीलदार और 573 नायब तहसीलदार बदले हैं। इसमें से 100 से ज्यादा अधिकारी तो ऐसे हैं, जिनका 3 से 4 बार तबादला किया है। औसतन 2 से 3 महीने ही काम कर पाए। तहसीलदार व नायब तहसीलदार की तबादला सूची राजस्व मंत्री रामलाल जाट व विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा अरोड़ा से स्वीकृति के बाद ही रेवेन्यू बोर्ड भेजी जाती है। आदेश रेवेन्यू बोर्ड के रजिस्ट्रार जारी करते हैं।
राजस्थान तहसीलदार परिषद ने भी बार-बार तबादला करने को गलत बताया है। परिषद का मानना है कि बार-बार तबादलों से तहसीलदार व नायब तहसीलदार डिप्रेशन में हैं। इससे आमजन व किसानों के जमीन रिकॉर्ड से जुड़े काम प्रभावित होते हैं। तबादलों के कारण अधिकारियों को नेताओं, डॉक्टरों के साथ ही रेट व कोर्ट के चक्कर भी लगाने पड़ रहे हैं।

नायब-तहसीलदार की जिम्मेदारी
तहसीलदार व नायब तहसीलदार पर कानून व्यवस्था व प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी रहती है। लैंड रिकाॅर्ड, अतिक्रमण हटाना, लैंड कंवर्जन, जमाबंदी, नक्शा, नामांतरकरण, जाति, हैसियत प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र करने का काम होता है। बार बार तबादला होने से आम जनता परेशान होती है।

लगातार तबादला होने से डिप्रेशन में हैं कई अधिकारी
केस 1
: कार्यव्यवस्थार्थ तहसीलदार दिनेश साहू को फरवरी में गोविंदगढ़ से माउंट आबू लगाया। इसके बाद उन्हें मालपुरा में तबादला कर दिया। वहां से हटाकर टोडारायसिंह नगर भेज दिया। अब सांगानेर तहसील में लगाया है। यानि 10 महीने में चार तबादले।
केस 2: नायब तहसीलदार रामजीलाल मीना का 3 माह में 3 तबादला कर दिया। मीना को अगस्त में निवाई से हटाकर अटरू (बारां) लगाया। वहां से तबादला कर गोविंदगढ़ भेज दिया। पिछली सूची में उन्हें गोविंदगढ़ से हटाकर जमवारामगढ़ एसडीएम कार्यालय में लगा दिया।
केस 3 : नायब तहसीलदार नृसिंह चारण का चार महीने में तीन तबादला कर दिया। चारण पहले नागौर एसडीएम कार्यालय में लगे थे, लेकिन उन्हें हटाकर नागौर के डेह में लगा दिया। वहां से भी हटाकर मकराना भेज दिया। अब उन्हें जीपी कलेक्ट्रेट नागौर लगाया है।
केस 4 : नायब तहसीलदार नेहा सिंह चारण को 22 जुलाई को नई पोस्टिंग दी। 17 अगस्त को उन्हे हटाकर मरोठ भेज दिया। वहां से भी हटाकर 18 अगस्त को नागौर लगा दिया। नेहा को 8 सितंबर को नागौर से तबादला कर मूंडवा पोस्टिंग दी। नई नायब को चार महीने में चार तबादला।

आरटीएस कैडर
पद स्वीकृत पद नियमित कार्य-व्यवस्थार्थ
तहसीलदार 725 200 525
नायब तहसीलदार 1067 205 862

प्रशासनिक जरूरत के हिसाब से होते हैं ट्रांसफर: रजिस्ट्रार
रेवेन्यू बोर्ड के रजिस्ट्रार महावीर प्रसाद का कहना है कि तहसीलदार व नायब तहसीलदार का तबादला प्रशासनिक जरूरत के हिसाब से होता है। सरकार जहां जरूरत संभलती है, वहां लगाती है। सरकार ट्रांसफर अलाउंस भी देती है।

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