डॉक्टरों ने किया दावा: पैरों में दर्द दिखाने आए थे; जांच में हार्ट ब्लॉकेज मिला; बिना हड्डी काटे सूक्ष्म चीरे से सर्जरी कर बचाया



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जयपुर9 मिनट पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी

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बूंदी निवासी 66 वर्षीय प्रभु प्रजापत पैर में दर्द की समस्या को लेकर एसएमएस अस्पताल में दिखाने आए थे।

बूंदी निवासी 66 वर्षीय प्रभु प्रजापत पैर में दर्द की समस्या को लेकर एसएमएस अस्पताल में दिखाने आए थे। जांच की गई तो हार्ट में ब्लॉकेज मिला। पैर में खून की सप्लाई नहीं होने से संक्रमण हो सकता था और पैर काटने की नौबत भी आ सकती थी। इस रोग को लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी (एलएमसीए) स्टीनोसिस भी कहा जाता है। हैरानी की बात कि मरीज को हार्ट की बीमारी का पता ही नहीं था।

एसएमएस अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने मरीज के दिल व पैर की एक साथ बिना हड्डी काटे सूक्ष्म चीरे से बाइपास सर्जरी की। 8 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने इस तकनीक का नाम ‘मिनिमल इनवेजिव कोरोनरी आर्टरी बाइपास ग्राफ्ट प्लस थोरेको बाइफिमोरल’ दिया है। सरकारी अस्पताल में दोनों सर्जरी एक साथ करने का विश्व में पहला मामला है।

सरकारी स्तर पर पहला मामला

कार्डियो थोरेसिक सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अनिल शर्मा का कहना है कि विश्व में सरकारी स्तर पर हार्ट और दोनों पैर की बिना हड्डी काटे सूक्ष्म चीरे से ऑपरेशन पहली बार किया गया है। सामान्यत: पहले हार्ट फिर दो माह बाद में पैर की बाइपास सर्जरी की जाती है, लेकिन इस केस में गर्दन से लेकर नाभि के नीचे तक सर्जिकल ट्रोमा की स्थिति नहीं रही। ऑपरेशन में सहयोग करने वालों में डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. मोहित शर्मा और डॉ. सौरभ मित्तल हैं।

ऑपरेशन की चुनौतियां क्या थीं
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए एक ही समय में एक साथ दोनों बाइपास सर्जरी करना आसान नहीं था। मरीज इतने बड़े ऑपरेशन का दर्द भी नहीं झेल पाता। ऐसे में ब्लीडिंग, ईसीयू में भर्ती और जान का खतरा बना रहता है।

“अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने हार्ट व पैर की एक साथ बाइपास सर्जरी की है। यह अपने आप में अनूठा उदाहरण है।”
-डॉ. राजीव बगरहट्‌टा, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज

“बिना हड्डी काटे सूक्ष्म चीरे से अब तक 1164 मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है, लेकिन बूंदी निवासी मरीज का एक तरह से नई तकनीक के जरिये ऑपरेशन दुर्लभ है।”
– डॉ. अचल शर्मा, अधीक्षक, एसएमएस

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