डिजिटल अवेयरनेस अभियान: 15 नवंबर से ग्राम पंचायतों में बंटेंगे स्मार्ट फोन, 70 हजार ‘सखियां’ देंगी पेमेंट करने व साइबर फ्रॉड से बचने की ट्रेनिंग



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जयपुरएक घंटा पहलेलेखक: सौरभ भट्‌ट

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1.35 करोड़ महिलाओं को फोन के साथ विश्व का सबसे बड़ा डिजिटल अवेयरनेस अभियान भी

चिरंजीवी कार्डधारी 1.35 करोड़ महिलाओं को प्रदेश सरकार दिवाली के बाद माेबाइल बांटना शुरू करेगी। हर ग्राम पंचायत में कैंप लगाकर 15 नवंबर के बाद फोन बांटे जाएंगे। राजकॉम्प के महाप्रबंधक सीपी सिंह ने बताया कि हैंडसेट सैमसंग, नोकिया और जियो के होंगे जो 3 साल के डेट बैकअप के साथ दिया जाएंगे। हैंडसेट के साथ 20 जीबी डेटा हर महीने तीन साल तक दिया जाएगा। कोई लाभार्थी फोन का इस्तेमाल नहीं करता है तो डेटा रिचार्ज तब तक नहीं होगा जब तक वह फोन का इस्तेमाल शुरू नहीं कर देता। कैंप में मोबाइल फोन लेने के लिए आधार और जनाधार लिया जाएगा।

इसके बाद हैंडसेट में सिम डाल कर उसे मौके पर ही एक्टिवेट कर लाभार्थी को दिया जाएगा। औसतन हर ग्राम पंचायत 750 से 1200 लाभार्थी होंगी। कैंप में करीब 20 स्टॉल्स होंगी, जिनमें एयरटेल, जियो और बीएसएनएल के कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि सीएम अशोक गहलोत ने बजट में घोषणा की थी कि डिजिटल सेवा योजना में 1.33 करोड़ चिरंजीवी परिवारों की महिला मुखियाओं काे 3 साल की इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ स्मार्ट फाेन दिए जाएंगे। चिरंजीवी योजना में 2 लाख महिलाओं का और पंजीकरण होने से अब यह संख्या 1.35 करोड़ हो गई है।

सरकारी योजनाओं के लिए इसी से आवेदन, सिम बदला तो काम नहीं करेगा

महिलाओं को मोबाइल फोन वितरण के साथ उसके इस्तेमाल उन्हें डिजिटली साक्षर भी बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार पहले 70 हजार मास्टर ट्रेनर तैयार करेगी। ये ट्रेनर सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं होंगीं, जिन्हें डिजिटल सखी नाम दिया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलोजी (डीओआईटी) ने राजीविका के माध्यम से इनकी ट्रेनिंग का कोर्स तैयार किया है। हर ग्राम पंचायत में ऐसी 4-4 महिलाओं का समूह तैयार किया जाएगा, जो फोन वितरण से लेकर उसके इस्तेमाल तक की जानकारी महिलाओं को देंगी।

डिजिटल सखी ये ट्रेनिंग देंगी

  • ई-केवाईसी कैसे करें ताकि महिलाओं को सहूलियत होे।
  • फोन लेने के लिए महिलाओं को कैंप तक लाने की जिम्मेदारी।
  • साइबर क्राइम और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी ट्रेनिंग।
  • मोबाइल फोन के जरिए सरकारी योजनाओं के लिए कैसे आवेदन करें।
  • औसतन हर ग्राम पंचायत 750 से 1200 लाभार्थी होंगी।

फोन बेच नहीं सकेंगे, सिम का प्राइमरी बॉक्स बंद रहेगा

सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि जो मोबाइल फाेन लाभार्थी को दिया जा रहा है, उसका सही इस्तेमाल हो। ऐसे में कोई भी लाभार्थी इस फोन को नहीं बेच पाएगा। इसके लिए फोन की प्राइमरी सिम बॉक्स को बंद रखा जाएगा। सेकेंडरी सिम में वही सिम काम करेगी, जो एक्टिवेट करके दी जाएगी।

33 लाख महिलाओं के फीडबैक के बाद ई-मित्र का नया एप

जो मोबाइल हैंडसेट महिलाओं को बांटे जाएंगे उनके एप की भाषा और उनमें दी जाने वाली सुविधाएं किस तरह की हों, इसके लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप की 33 लाख महिलाओं से फीडबैक लिया गया। इसके आधार पर ई-मित्र की नई एप तैयार की गई है, जो कुछ दिनों में काम करना शुरू कर देगी। इसमें पेज खुलते ही मूल निवास, जाति जैसे प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन का परफार्मा है।

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