ट्रेन के आगे कूदकर कर ली थी आत्महत्या: मृतक के टूटे मोबाइल ने खोल दिया राज, 3 आरोपी को किया गिरफ्तार



जोधपुर4 घंटे पहले

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रेलवे पुलिस ने करीब डेढ माह पहले मेड़ता रोड थाना क्षेत्र के अधीन जालसू स्टेशन के पास युवक द्वारा आत्महत्या करने के ममाले में बड़ा खुलासा किया है। युवक ने 26 अगस्त को जालसू स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली थी।

उस समय मौके से उसका फोन मिला जो टूट चुका था। रेलवे पुलिस ने उसे ठीक करवा कर सारा खुलासा कर दिया। साथ ही मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़कर तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

4 लाख रुपए देने के लिए ब्लैकमेल किया
जीआरपी जोधपुर जिले के एसपी प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि 26 अगस्त को मेड़ता रोड़ थाने में नागौर जिले के आंतरोली निवासी हेम सिंह पुत्र शिव सिंह ने रिपोर्ट दी कि उसका छोटा भाई गोपाल सिंह जो करीबन 4 वर्षो से पत्नी एवं बच्चों के साथ गोपाल वाड़ी जयपुर में रह रहा है। वह ऑटो पॉर्टस की दुकान चलाता है। उसने 25 अगस्त को जालसू रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। उसके पास मिले सुसाइड नोट में दो मोबाइल नम्बर के मार्फत सीबीआई अधिकारी बनकर उसको न्यूड वीडियो कॉल करने और बाद में ब्लैकमेल करके करीब चार लाख रुपये की वसूली करने से आहत होकर आत्महत्या करना बताया गया।

पुलिस ने बनाई टीम
रेलवे पुलिस थाना जीआरपी ने इस मामले में आत्महत्या को उत्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर अधिकारियों को अवगत कराया तो महानिरीक्षक पुलिस रेलवे आलोक वशिष्ठ ने जीआरपी जोधपुर जिले के एसपी प्रदीप मोहन शर्मा के नेतृत्व में उपअधीक्षक जीआरपी प्रेमसिंह राजपुरोहित के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया जिसमे जीआरपी थाना अधिकारी जोधपुर किशनसिंह, उप निरीक्षक सुरेन्द्रसिंह, मेडता रोड़ थानाधिकारी लादूराम, हेड कॉन्स्टेबल सुभाषचन्द्र, साइबर सेल में तैनात दीपेन्द्र सिंह, कॉन्स्टेबल रामेश्वरलाल, राजेन्द्र, पूनाराम, नरेन्द्र, बृजलाल, रिडमलसिंह, मोहनलाल, राजूराम, शेराराम की टीम बनाइ।

कड़ी से कड़ी जोड़ी तब गिरोह का खुलासा हुआ
इस टीम ने सबसे पहले मौके पर क्षत-विक्षित मिले मोबाइल फोन को मोबाइल मैकेनिक से ठीक कराकर उसको चालू कराया और उसमें मिले रुपये भुगतान करने के स्क्रीन शॉट और मोबाइल नम्बर पर जांच पड़ताल शुरू की और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए बैंक खाते, एटीएम और पेटीएम, गुगल पे और ई वालेट की जानकारी हासिल कर हरियाणा, उत्तरप्रदेश, आसाम, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के भरतपुर अलवर क्षेत्र में आरोपियों की तलाश के लिये 15-15 दिन तक स्थानीय पुलिस के सहयोग से जांच पड़ताल और तलाश शुरू की तो पता लगा कि ये काम एक दो व्यक्ति का नहीं बल्कि संगठित गिरोह का है। उनको सुविधाएं देने के लिये कुछ मोबाइल कंपनियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है।

भरतपुर, हरियाणा से आरोपी को पकड़ा
पुलिस ने कड़ी छानबीन के बाद इस वारदात को अंजाम देने के आरोप में भरतपुर जिले के कामा थाना क्षेत्र में बीच की मस्जिद के पास रहने वाले राहुल उर्फ हुगली पुत्र स्वरूप खान मेव, भरतपुर के कामा थानान्तर्गत इन्द्रोली निवासी रहमान खान उर्फ रहसु पुत्र हरिसिंह फकीर और हरियाणा के नूंह जिले के सदर थानान्तर्गत रायपुरी निवासी हैदर अली पुत्र कमालुदीन मेव को गिरफ्तार कर जोधपुर लेकर पहुंची और पूछताछ शुरू की।

हर काम के लिए अलग एक्सर्ट
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो एक संगठित गिरोह के रूप में विभिन्न ठिकानों पर काम करते है जिसमें ग्राहकों को फंसाने, उनको धमकाने और उनके पास से बैंकों में आन लाईन रकम जमा कराने वाले और निकालने वाले सहयोगी अलग अलग होते है। इसी गिरोह ने मृतक को ब्लेकमेल किया था जिससे परेशान होकर आत्महत्या की।

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