जिला अस्पताल में फिजियोथैरेपी सुविधा शुरू: 25 से अधिक लोग रोज पहुंच रहे इलाज के लिए, पहले जाना पड़ता था बाहर



प्रतापगढ़24 मिनट पहले

प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपी की सुविधा शुरू की गई जो पूरी तरह निशुल्क है। इस सुविधा से मरीजों को महंगे इलाज से मुक्ति मिलेगी। निजी तौर पर फिजियो थैरेपी कराने के लिए लगभग 200 से 300रुपए फीस देनी पड़ती है। वही उपचार जांच के बाद पैकेज में इलाज दिया जाता है। ऐसे में जिला अस्पताल में फिजियोथैरेपी शुरू होने से लोगों को महंगे इलाज से राहत मिलेगी। थेरेपी के लिए जिला अस्पताल में जगह भी पर्याप्त है। इसके बावजूद रोजाना 20 से अधिक मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।

दरअसल फिजियोथैरेपी ऐसी विधि है। जो बिना दवा के दर्द से मुक्ति जाती है। फिजियोथैरेपी को फिजिक्स स्टेटमेंट भी कहते हैं। यह मेडिकल साइंस को एक ही शाखा है। जिसमें इलाज की एक अलग पद्धति है। एक्सरसाइज, हाथों की कसरत ,पेन रिलीफ, मूवमेंट द्वारा दर्द को दूर किया जाता है। इस थेरेपी का उद्देश्य रोग के कारण को जानकर उपकरण की जरूरत महसूस की जा रही है। वर्तमान में फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर महेश कुमार ,डॉक्टर अमर सिंह चौहान ने जिला अस्पताल में सेवाएं देना प्रारंभ कर दिया है। डॉक्टरों की माने तो मरीजों को एक्सीडेंट हड्डी के ऑपरेशन के बाद या फिर दर्द के चलते इसकी जरूरत होती है।

20 से 25 मरीज रोज आ रहे
जिला अस्पताल में निशुल्क थैरेपी की सुविधा शुरू होते ही मरीजों का आना भी जारी हो गया है। फिजियोथैरेपिस्ट प्रतीक दवे ने बताया रोजाना 25 से 30 मरीज आ रहे हैं। एक मंच की थैरेपी में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है। हालांकि महिला फिजियोथैरेपिस्ट की कमी खल रही है। फिजियोथैरेपिस्ट के साथ दो सहायक कर्मचारी भी है। इसके अभाव में नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं की मदद ली जा रही है।

शहर में नहीं है कोई सेंटर पहले मंदसौर उदयपुर जाना पड़ता था
जिला अस्पताल में पहला फिजियोथेरेपी सेंटर शुरू हुआ है। जबकि इससे पहले शहर में कोई सेंटर नहीं था। मरीजों को उपचार के लिए मंदसौर, उदयपुर, नीमच जाना पड़ता था जहां मोटी फीस भी चुकाना पड़ती थी। अब यहीं पर सुविधा शुरू होने से मरीजों ने राहत की सांस ली है।

निशुल्क सेवा दी जा रही है
प्रतापगढ़ जिला अस्पताल फिजियोथैरेपिस्ट प्रतीक दवे ने बताया कि ​​​​​​​फिजियोथैरेपी की निशुल्क सेवा जिला अस्पताल में दी जा रही है। फिजियोथेरेपी के दौरान छात्राएं और नर्स भी साथ रहती है। धीरे-धीरे जगह के अलावा अन्य सुविधाएं भी यहां बढ़ाई जाएगी। अभी 10 महा से इसकी शुरुआत हुई है। प्रतिदिन 20 से 25 मरीज थैरेपी पर आ रहे हैं।

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