जयपुर में पार्षदों के बाड़ेबंदी की तैयारी: नगर निगम ग्रेटर में मेयर चुनाव; बहुमत नहीं फिर भी कांग्रेस उतारेगी उम्मीदवार, 10 नवंबर को होगी वोटिंग



  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Nominations To Be Filled From November 3; After Voting On 10th, The Result Will Come Late In The Evening On The Same Day.

जयपुर6 घंटे पहले

जयपुर नगर निगम ग्रेटर में सौम्या गुर्जर को मेयर पद से बर्खास्त किए जाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने यहां दोबारा चुनाव करवाने का शेड्यूल जारी कर दिया। ये चुनाव 10 नवंबर को होंगे। इसके लिए 3 नवंबर से नामांकन पत्र भरे जाएंगे। जयपुर नगर निगम ग्रेटर के अलावा अजमेर जिले की नसीराबाद और सिरोही की पिंडवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष के भी चुनाव करवाए जाएंगे।

निर्वाचन आयोग का ये फैसला काफी चौंकाने वाला है। क्योंकि मंगलवार को ही नोटिफिकेशन जारी करने के तीसरे दिन ही नामांकन पत्र भरने होंगे। उम्मीदवारों के पास कम समय है कि वे पार्टी में राय करके खुद चुनाव लड़ने के लिए टिकट ले सकें।

पार्षदों की बाड़ेबंदी की तैयारी
जयपुर ग्रेटर मेयर के चुनाव की घोषणा के साथ ही अब कांग्रेस और BJP के पार्षदों की बाड़ेबंदी की तैयारी है। 3 ​नवंबर को नॉमिनेशन के साथ ही दोनों दलों के पार्षदों की बाड़ेबंदी हो सकती है। कांग्रेस और BJP दोनों कल पार्षदों की बैठक बुलाने की तैयारी कर रहे हैं।

उलटफेर नहीं हुआ तो BJP का मेयर बनना तय
जयुपर ग्रेटर नगर निगम में BJP का बहुमत है। कांग्रेस को मेयर बनाने के लिए BJP के 30 पार्षद तोड़ने होंगे, जो इतना आसान नहीं दिख रहा है। बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो BJP का मेयर बनना तय माना जा रहा है।

खाचरियावास बोले- कांग्रेस उतारेगी मेयर चुनाव में उम्मीदवार
जयपुर ग्रेटर नगर निगम में कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है और BJP की तुलना में बहुत बड़ा गैप है। इसके बावजूद कांग्रेस मेयर चुनाव में उम्मीदवार उतारेगी। खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि ग्रेटर नगर निगम में BJP के पार्षद ज्यादा हैं, लेकिन हम मजूबती से चुनाव लड़ेंगे। हम हमारा उम्मीदवार जरूर उतारेंगे। कांग्रेस पार्षद दल की बैठक बुलाकर उम्मीदवार पर फैसला करेंगे।

जयपुर में BJP से शील धाबाई सबसे बड़ी दावेदार
जयपुर नगर निगम ग्रेटर की बात करें तो यहां मौजूदा कार्यवाहक मेयर शील धाबाई BJP की तरफ से सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही है। क्योंकि उनके मेयर बनने पर पार्टी में भी किसी तरह का विवाद नहीं है। शील धाबाई पहले भी जयपुर की मेयर रह चुकी है। धाबाई के अलावा यहां ओबीसी महिला में दूसरा नाम सुखप्रीत बंसल का भी चल रहा है। बंसल वर्तमान में नगर निगम में लाइट समिति की चेयरमैन है। इनके अलावा वार्ड 12 से पार्षद रश्मि सैनी को लेकर भी पिछले दिनों चर्चा जोरों पर थी। वहीं, भारती लख्यानी का भी नाम चल रहा है।

सौम्या गुर्जर को मेयर पद और पार्षद की सदस्यता से 27 सितम्बर को बर्खास्त किया था।

सौम्या गुर्जर को मेयर पद और पार्षद की सदस्यता से 27 सितम्बर को बर्खास्त किया था।

सौम्या पद से बर्खास्त
राज्य सरकार ने जयपुर नगर निगम ग्रेटर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर को मेयर पद और पार्षद की सदस्यता से 27 सितम्बर को बर्खास्त किया था। 23 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद राज्य सरकार ने ये एक्शन लिया था, जिसके बाद शील धाबाई को कार्यवाहक मेयर बनाया था। पिछले दिनों सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर नगर निगम ग्रेटर में खाली हुए पद पर चुनाव करवाने के आग्रह किया था।

ये था पूरा विवाद

  • 4 जून 2021 को जयपुर नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय में मेयर सौम्या गुर्जर, तत्कालीन कमिश्नर यज्ञमित्र सिंह देव और अन्य पार्षदों के बीच एक बैठक में विवाद हुआ। कमिश्नर से पार्षदों और मेयर की हॉट-टॉक हो गई। कमिश्नर बैठक को बीच में छोड़कर जाने लगे।
  • इस दौरान पार्षदों ने उन्हें गेट पर रोक दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कमिश्नर ने पार्षदों पर मारपीट और धक्का-मुक्की करने का तीन पार्षदों पर आरोप लगाते हुए सरकार को लिखित में शिकायत की और ज्योति नगर थाने में मामला दर्ज करवाया।
  • 5 जून को सरकार ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए मेयर सौम्या गुर्जर और पार्षद पारस जैन, अजय सिंह, शंकर शर्मा के खिलाफ मिली शिकायत की जांच स्वायत्त शासन निदेशालय की क्षेत्रिय निदेशक को सौंप दी।
  • 6 जून को जांच रिपोर्ट में चारों को दोषी मानते हुए सरकार ने सभी (मेयर और तीनों पार्षदों को) पद से निलंबित कर दिया। इसी दिन सरकार ने इन सभी के खिलाफ न्यायिक जांच शुरू करवा दी।
  • 7 जून को राज्य सरकार ने आदेश जारी करते हुए पार्षद शील धाबाई को कार्यवाहक मेयर बना दिया।
  • सरकार के निलंबन के फैसले को मेयर सौम्या गुर्जर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 28 जून को हाईकोर्ट ने मेयर को निलंबन आदेश पर स्टे देने से मना कर दिया।
  • जुलाई में सौम्या गुर्जर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर न्यायिक जांच रुकरवाने और निलंबन आदेश पर स्टे की मांग की।
  • 1 फरवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने निलंबन ऑर्डर को स्टे दे दिया, जिसके बाद 2 फरवरी को सौम्या गुर्जर ने वापस मेयर की कुर्सी संभाली थी।
  • 11 अगस्त 2022 को सौम्या और 3 अन्य पार्षदों के खिलाफ न्यायिक जांच की रिपोर्ट आई, जिसमें सभी को दोषी माना गया।
  • 22 अगस्त को सरकार ने वार्ड 72 से भाजपा के पार्षद पारस जैन, वार्ड 39 से अजय सिंह और वार्ड 103 से निर्दलीय शंकर शर्मा की सदस्यता को खत्म कर दिया है। इन पार्षदों को भी सरकार ने इसी न्यायिक जांच के आधार पर पद से हटाया है।
  • इसके बाद सरकार ने 23 सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर न्यायिक जांच की रिपोर्ट पेश की और मामले की जल्द सुनवाई की मांग की।
  • 23 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद सरकार को कार्रवाई के लिए स्वतंत्र करते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।

जयपुर ग्रेटर की दलीय स्थिति
बीजेपी : 85
कांग्रेस : 49
निर्दलीय : 12
साल 2020 में हुए ग्रेटर नगर निगम के 150 वार्डों के चुनावों में 88 वार्ड में बीजेपी, 49 में कांग्रेस और 13 निर्दलीय जीते थे। आयुक्त से विवाद मामले में तीन बीजेपी, एक निर्दलीय पार्षद निलंबित हो चुके हैं। इसलिए अब बीजेपी के 85, कांग्रेस के 49 और निर्दलीय 12 पार्षद रहे हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link


Like it? Share with your friends!

What's Your Reaction?

hate hate
0
hate
confused confused
0
confused
fail fail
0
fail
fun fun
0
fun
geeky geeky
0
geeky
love love
0
love
lol lol
0
lol
omg omg
0
omg
win win
0
win
khabarplus

0 Comments

Your email address will not be published.