जयपुर में पहली बार नजर आया दुर्लभ स्मॉल इंडियन सिवेट: जंगल से पहुंचा लक्जरी होटल, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू



जयपुर2 घंटे पहले

जयपुर के शहरी इलाकों में वन्यजीवों की दस्तक लगातार बढ़ती जा रही है। त्रिमूर्ति सर्किल स्थित होटल ग्रैंड उनियारा में मंगलवार को स्मॉल इंडियन सिवेट (छोटा भारतीय बिलाव) घुस गया। जिसके बाद होटल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं अजीबो गरीब जानवर को देख होटल स्टाफ ने वन विभाग की टीम को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने लगभग 2 घंटे में सिवेट का रेस्क्यू कर उसे आमागढ़ के जंगलों में छोड़ दिया।

त्रिमूर्ति सर्किल स्थित होटल ग्रैंड उनियारा से मिला स्मॉल इंडियन सिवेट।

वन विभाग के रेस्क्यू रेंजर राशिद खान ने बताया कि स्मॉल इंडियन सिवेट बिल्ली जैसी दिखाई देती है। लेकिन उसके चेहरे कि बनावट लंबी होती है। वहीं पहली बार अलग तरह का जानवर देख होटल स्टाफ ने हमे इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में हमारी टीम मौके पर पहुंची और काफी सतर्कता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। क्यों कि शहरी क्षेत्र में आने की वजह से स्मॉल इंडियन सिवेट काफी घबराई हुई थी। ऐसे में डर की वजह से उसके वह जमीन की खड़ा कर छिपजाने की भी संभावना थी।

वन विभाग ने रेस्क्यू कर स्मॉल इंडियन सिवेट को छोड़ा आमागढ़ के जंगलों में।

वन विभाग ने रेस्क्यू कर स्मॉल इंडियन सिवेट को छोड़ा आमागढ़ के जंगलों में।

पहली बार पिंकसिटी में नजर आई स्मॉल इंडियन सिवेट
वन विभाग के रेंजर जनेश्वर चौधरी ने बताया कि जयपुर के शहरी इलाके में पहली बार स्मॉल इंडियन सिवेट नजर आई है। जो फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ और सकुशल है। जिसे आज ही रेस्क्यू कर आवागढ़ के जंगलों में रिलीज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जयपुर में ज्यादातर रेस्क्यू कॉल कॉमन पॉम सिवेट के ही आते हैं। जो कि सीवेट की दूसरी प्रजाति है। लेकिन पहली बार जयपुर में स्मॉल इंडियन सिवेट नजर आई है। जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशी की बात है।

वन्यजीव प्रेमी चमन सिंह ने बताया कि काले बाल और बड़ी आंखों वाले स्मॉल इंडियन सिवेट की उम्र 15 से 20 साल तक होती है। यह दो से पांच किलोग्राम की होती है। जो एकांतप्रिय वन्यजीव की श्रेणी में आती है। यह किसी की आहट सुनते ही जमीन में या फिर अपने घर में छुप जाती है। आमतौर पर स्मॉल इंडियन सिवेट रात में शिकार के लिए निकलती है। उसे एशियन पाम सीविट छोटे जीव जैसे छिपकली, सांप, मेंढक और कीड़ों का शिकार करना पसंद आता है। दक्षिण भारत के अलावा दक्षिण पूर्व एशिया, श्रीलंका, दक्षिणी चीन जैसे देशों में स्मॉल इंडियन सिवेट बड़ी संख्या में आई जाती है।

जयपुर में पहली बार नजर आया है स्मॉल इंडियन सिवेट।

जयपुर में पहली बार नजर आया है स्मॉल इंडियन सिवेट।

उन्होंने बताया कि स्मॉल इंडियन सिवेट आम तौर पर यह रिहायशी इलाकों से दूर रहती हैं। लेकिन लगातार सिमटते जंगलों के चलते यह कई बार भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों में पहुंच जाती है। हालांकि इनसे इंसानों को कोई खतरा नहीं होता। स्मॉल इंडियन सिवेट को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची द्वितीय के तहत संरक्षित किया गया है।

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