ग्रेटर नगर निगम: भाजपा को ‘बहुमत’, फिर भी कांग्रेस सरकार से तय की गईं मेयर संभाल रही हैं शहरी सरकार



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जयपुरएक घंटा पहले

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कांग्रेस के जाल में फंसी भाजपा, मेयर शील धाभाई पर भाजपा पार्षदों का अलग-अलग मत

जयपुर ग्रेटर नगर निगम के बोर्ड में भाजपा को बहुमत है, लेकिन कांग्रेस सरकार की ओर से तय महापौर शील धाभाई महापौर की निगम में कुर्सी संभाल रही है। हालांकि शील धाभाई भाजपा से ही पार्षद है, लेकिन भाजपा की अधिकृत महापौर प्रत्याशी नहीं है तथा भाजपा ने अभी तक उनकी नियुक्ति पर सहमति भी नहीं दी है। भाजपा के बड़े नेताओं व पार्षदों की आपसी खींचतान व गुटबाजी के कारण विवादों के बाद भी पिछले एक साल में नए महापौर दावेदार का नाम ही तय नहीं हो पाया।

कांग्रेस ने पिछली साल भी शील धाभाई को महापौर नियुक्त कर कार्य विस्तार भी दिया था। इसको लेकर भाजपा पार्षदों के एक गुट ने विरोध भी किया था। भाजपा शहर अध्यक्ष राघव शर्मा का कहना है प्रदेश नेतृत्व ने महापौर के लिए कमेटी बना रखी है। यह कमेटी ही निर्णय लेगी। इधर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमृता चौधरी का कहना है महापौर के निर्वाचन को लेकर निर्वाचन विभाग की ओर से फिलहाल कोई सूचना नहीं आई है।

भाजपा को डर; बगावत करवा देगी विस चुनाव से पहले किरकिरी
जयपुर ग्रेटर नगर निगम में 150 वार्ड है। भाजपा के 88 पार्षद बने। इसमें से भाजपा के चार पार्षद बर्खास्त हो चुके। भाजपा के विधायक कालीचरण सराफ, नरपत सिंह राजवी व अशोक लाहोटी अपने क्षेत्र से महापौर बनवाना चाहते है। वहीं भाजपा के ज्यादातर पार्षद मौजूदा महापौर शील धाभाई को यथावत रखने के पक्ष में है, लेकिन एक धड़ा अंदरूनी तौर पर नया महापौर बनाने के लिए लॉबिंग कर रहा है। पिछले साल भी करीब 50 पार्षदों की एक होटल में बैठक भी हो चुकी है। वर्तमान महापौर शील धाभाई, पार्षद रश्मि सैनी, राजू देवी सैनी, सुखप्रीत बंसल, संजू चौधरी, भारती लख्यानी को भी महापौर का दावेदार बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अंदरूनी बगावत के कारण यदि भाजपा का महापौर नहीं बन पाया तो राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व शहर पदाधिकारियों की किरकिरी होगी। ऐसे में फिलहाल फैसला टाला जा रहा है।

विवाद के बाद मेयर सौम्या गुर्जर को हटाया गया था:
भाजपा पार्षद सौम्या गुर्जर को नवंबर 2020 में महापौर बनाया गया। सफाई कंपनी के विवाद मामले में कमिश्नर से मतभेद के बाद 6 जून को सरकार ने सौम्या गुर्जर, 2 चेयरमैन व एक पार्षद को सस्पेंड कर दिया। फिर कांग्रेस सरकार ने भाजपा पार्षद शील धाभाई को मेयर बनाया। जनवरी 2022 को सौम्या ने दुबारा पद संभाला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने 27 सितंबर को सौम्या को बर्खास्त कर दिया।

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