ग्राम पंचायत सहायकों के चिंतन शिविर में शामिल हुए विधायक: संयम लोढ़ा ने कहा- संविदा पर नियुक्ति सरकारों का शोषण का दूसरा तरीका



सिरोही27 मिनट पहले

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सिरोही के पालड़ी एम के महाकाली मंदिर परिसर में ग्राम पंचायत सहायकों के जिला स्तरीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया।

सिरोही के पालड़ी एम के महाकाली मंदिर परिसर में ग्राम पंचायत सहायकों के जिला स्तरीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सलाहकार और विधायक संयम लोढ़ा मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि संविदा पर नियुक्ति सरकारों का शोषण का दूसरा तरीका है। वे हमेशा से संविदा पर नियुक्ति के खिलाफ रहे हैं। सरकारों को कर्मचारियों की नियुक्ति नियमित भर्ती के माध्यम से ही करनी चाहिए। संविदा पर नियुक्ति से पढ़े लिखे बच्चों की जिंदगी को खराब किया जा रहा है। वे अपने परिवार के सपने भी पूरे नहीं कर पाते है। सारी सरकारें फिर चाहे राज्य की हो या केन्द्र की वे इसी राह पर चल रही है। विधायक लोढ़ा ने कहा कि सरकारें ऐसा इसलिए करती है कि कम वेतन पर अधिक लोग उसे कार्य के लिए मिल जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब लोककल्याण का दावा करने वाली सरकारें इस तरह का काम करने लग जाती है, तो वह समाज के लिए खतरनाक और घातक साबित हो जाता है। विधायक ने कहा कि आज अनपढ़ बेरोजगार नहीं बल्कि पढ़ा लिखा नौजवान बेरोजगार है। विधायक लोढ़ा ने संविदा कर्मियों से आह्वान किया कि जहां आपको गलत दिखे उस पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें, उसका विरोध करें। मैं भी लोगों के हक के लिए कार्य करता हूं और जहां भी मुझे गलत दिखाई देता है, उसका विरोध अवश्य करता हूं।

विधायक लोढ़ा ने कहा कि संविदा कर्मियों के नियमितिकरण की मांग और इस लड़ाई को लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हूं। हम मिलकर सरकार पर दबाव बनाएंगे कि आपने चुनाव में वायदा किया है उसे पूरा करो। हम कोई भीख नहीं मांग रहे है, जिन वादों पर आपने चुनाव लड़ा है और जो आपके घोषणा पत्र में है उस पर सवाल जवाब अवश्य करेंगे। साथ ही विधायक ने कहा कि आप सवाल उनसे भी करो, जिन्होंने देश में 2 करोड़ नौकरी देने, महंगाई को कम करने, डीजल और खाद्य के दाम करने का दावा कर सत्ता हासिल की थी। विधायक लोढ़ा ने कहा कि एक नागरिक होने के नाते हम भी समाज का एक हिस्सा हैं। जहां समाज के किसी तबके को जरूरत होती है, वहां उनकी आवाज का काम करते हैं। विधायक ने कहा कि मैंने समय-समय पर सरकार को याद दिलाया है कि आपने घोषणा पत्र में जो वादे किए हैं उन्हें पूरा करो। विधायक ने कहा कि कर्मचारी आंदोलन कमजोर इसलिए पड़ जाते हैं कि कर्मचारी उस लड़ाई को सिर्फ अपनी सुविधाओं तक सीमित कर देते हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण जसरापुर ने कहा कि वर्तमान में जो सरकार 1 लाख 10 हजार संविदाकर्मियों के लिए संविदा रूल्स 2022 लेकर आई है। सरकार को इनके मानदेय की जगह पे ग्रेड निर्धारित करना चाहिए।

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