ग्रामीणों ने कलेक्टर से की तहसीदार की शिकायत: ग्रामीणों ने तहसीदार पर लगाया गिरफ्तार करवाने की धमकी देने के आरोप




टोंकएक घंटा पहले

पीपलू तहसील क्षेत्र के अरनिया कांकड़ के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर तहसीलदार पर धमकाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

पीपलू तहसील क्षेत्र के अरनिया कांकड़ के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर तहसीलदार पर धमकाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि ग्राम अरनियाकाकड़ स्थित चरागाह भूमि का सीमाज्ञान तहसील प्रशासन द्वारा करवाया जा रहा है। तहसीलदार को आरक्षित में शेष बची हुई भूमि के सीमाज्ञान के लिए कहने पर यह कहकर धमकाया जाता है।

ग्रामीण नवरतन जाट, भरत मीणा, रामनारायण पुरी, रामावतार, लादूराम, जीतराम जाट, हनुमान जाट, मुकेश शर्मा, किशन जाट, किशनपुरी आदि ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के 2 फरवरी 2022 के आदेश की पालना में ग्राम अरनियाकाकड स्थित चरागाह भूमि का सीमाज्ञान तहसील प्रशासन द्वारा करवाया जा रहा है। इस सीमाज्ञान के साथ बीसलपुर आरक्षित भूमि जो आवंटन के अलावा शेष भूमि बची हुई, उसका सीमाज्ञान टीम द्वारा नहीं किया जा रहा है। तहसीलदार को आरक्षित में शेष बची हुई भूमि के सीमाज्ञान के लिए कहने पर यह कहकर धमकाया जाता है कि आवंटन के अलावा रही रही भूमि का हमारे पास आदेश नहीं है। 3 नवम्बर को ग्राम पंचायत कठमाणा में हुई जनसुनवाई में चरागाह का हवाला देने पर हमें शांति भंग में गिरफ्तार कराने की धमकी दी गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार इस कार्य में मनमर्जी कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से यह भी मांग की है कि चरागाह भूमि के मकान, बाड़े, नाजायज फार्म पौण्ड को भी अतिक्रमण मुक्त करवाया जाए। चरागाह भूमि मे स्थित फार्म पौण्ड की सिंचाई एवं फसल बो दी गई है। तहसीलदार द्वारा सरकारी राशि को मिलीभगत से दुरुपयोग किया जा रहा है तथा अतिक्रमियों से मिलीभगत कर नाजायज अतिक्रमण करवाकर चरागाह भूमि से मिट्टी ठेके में भट्टों पर बेचान की जा रही है, जिस कारण राजस्व विभाग को भारी नुकसान हो रहा है। इस सम्बन्ध में प्रार्थियों द्वारा पूर्व मे कई बार जिला कलेक्टर, तहसीलदार, पटवारी एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दी जा चुकी है, किंतु आज तक भी हीं कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब यदि आगामी 5 दिवस में उपरोक्त समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो ग्रामीण द्वारा भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने मांग की है कि ग्राम अरनिया काकड़ में स्थित चरागाह भूमि के साथ बीसलपुर विस्थापितों को आवंटित हुई भूमि के अलावा शेष रही भूमि का भी सीमाज्ञान करवाया जाया।

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