गहलोत बार-बार क्यों दे रहे युवाओं की रगड़ाई के बयान: पहले सचिन पायलट का नाम लेकर भी कह चुके हैं–इनकी रगड़ाई नहीं हुई, सीधे ही पद मिल गया




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जयपुर30 मिनट पहले

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के दौरान एक बार फिर कहा-बिना रगड़ाई के युवाओं को सबकुछ मिल गया है, ठोकरें खाएंगे। इस बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चाएं चल पड़ी हैं कि उनका निशाना सचिन पायलट पर है। गहलोत का रगड़ाई से मतलब मेहनत करके अनुभव हासिल करने से है। गहलोत का मानना है कि पार्टी में जो जितनी मेहनत करता है, उसके हिसाब से उसको जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।

गहलोत ने यह बयान पहली बार नहीं दिया है। इससे पहले भी वे कई मौकों पर युवाओं को लेकर इस तरह के बयान दे चुके हैं। गहलोत अपने बयानों के जरिए हमेशा यह बताने की कोशिश करते रहे हैं कि युवाओं को जल्दी पद मिलने के बजाय वरिष्ठ लोगों को ही बड़े पदों पर मौके मिलने चाहिए। गहलोत ने सोमवार को भी इसे दूसरे अंदाज में दोहराया है। उनका कहना था कि जिन्हें बिना रगड़ाई पद मिल गए, वे देश में फितूर कर रहे हैं। जब कांग्रेस के अच्छे दिन आएंगे तो इनके दिन भी अच्छे आएंगे। कोई रोक नहीं सकता। अवसर मिलेंगे। जल्दबाजी जितनी करेंगे, उतनी ठोकर खाते रहेंगे।

10 अप्रैल 2022 : बीकानेर में बोले थे- मेरी खूब रगड़ाई हुई थी

सीएम गहलोत ने 10 अप्रैल 22 को भी ऐसा ही बयान दिया था। तब वे बीकानेर में एनएसयूआई के 52वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने बीकानेर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान पायलट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि राजनीति में रगड़ाई बहुत जरूरी है। जब मैं एनएसयूआई में था, तब मेरी भी खूब रगड़ाई हुई। जब मैं जिला अध्यक्ष बना तो कई आंदोलनों में भाग लिया और खूब रगड़ाई करवाई। इसके बाद मुझे तीन बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, 3 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार संगठन महासचिव और 3 बार मुख्यमंत्री बनाया गया। बीकानेर में सीएम गहलोत ने कहा था कि देश में दो तरह के नेता होते हैं। एक तो वो संगठन में रगड़ाई करवाकर आता है। दूसरा नेता सीधे ही बिना रगड़ाई के महत्वपूर्ण पदों पर पहुंच जाता है।

15 जुलाई 2020 को भी सचिन का नाम लेकर बोले थे–इनकी रगड़ाई नहीं हुई

सचिन पायलट खेमे की बगावत के दौरान गहलोत ने सबसे पहले रगड़ाई शब्द का उपयोग किया था। जुलाई 2020 में जब पायलट के साथ 18 विधायकों ने गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत कर दी थी। तब गहलोत ने उन पर सरकार के खिलाफ षड्यंत्र करने का आरोप लगाकर कहा था कि डिप्टी सीएम खुद ही डील कर रहे हैं। तब गहलोत ने कहा था कि ये बिना रगड़ाई हुए ही केंद्रीय मंत्री और पीसीसी चीफ बन गए और अगर रगड़ाई हुई होती तो आज और अच्छा काम करते।

गहलोत के मुताबिक रगड़ाई का मतलब कठोर मेहनत करके पद हासिल करना

गहलोत ने यह शब्द स्थानीय आम बोलचाल की भाषा से लिया है। राजस्थान के देहाती इलाकों में रगड़ाई का मतलब कठोर परिश्रम करके सफलता हासिल करने से है। गहलोत बार-बार यह शब्द युवाओं के लिए इसलिए इस्तेमाल करते हैं, उनके मुताबिक राजनीति में पद हासिल करने से पहले खूब मेहनत करनी पड़ता है। उनका मानना है कि संगठन में एक निश्चित समय बिताकर अनुभव हासिल करने के बाद ही सत्ता और संगठन में बड़े पद मिलते हैं। इसके लिए वे खुद का उदाहरण भी बार-बार देते हैं।

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