गब्बर और जेएम गैंग पर शिकंजा बदमाशों ने छोड़ा जिला: पुलिस सक्रियता से अपराधियों में भय,  जिले में घटे अपराध, हत्या, बलात्कार, डकैती सहित अन्य मामलों में आई कमी




झुंझुनूं16 मिनट पहले

गब्बर और जेएम गैंग पर शिकंजा बदमाशों ने छोड़ा जिला

झुंझुनूं पुलिस कुछ हद तक अपराधियों पर नकेल कसी है। वहीं पुलिस ने झुंझुनूं में सक्रिय अपराधियों की कई गैंगों का खात्मा भी किया है। काफी समय से पुलिस रडार पर रहे अपराधियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। गब्बर गैंग पर की गई कार्रवाई के बाद अपराधियों में डर पैदा हुआ है। सूत्रों के अनुसार कई गैंगों के सदस्य जिले से बाहर हो गए हैं।

पिछले पांच साल के डाटा बताता रहे है कि जिले में हत्या, लूट, डकैती सहित विभिन्न मामलों में कुछ हद अंकुश लगा है। झुंझुनूं पुलिस के लिए वर्ष 2022 काफी सकुन देने वाला है। अपराधों पर काफी अंकुश लगा है। वर्ष 2022 में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, बलात्कार, अपहरण, चोरी, नकबजनी सहित सभी मामलों में गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक कमी आई है।

पुलिस ने किए कई बड़े मामलों के खुलासे

झुंझुनूं पुलिस ने हत्या, लूट, नकबजनी सहित बलात्कार के ज्यादातर मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल अपराधियों को गिरफ्तार किया, बल्कि लूट, चोरी व नकबजनी के मामलों में माल बरामद करने में भी सफलता प्राप्त की।

पिछले महीने पिलानी में फाइनेंस कंपनी में हुई 2 लाख 62 हजार 370 रुपए की लूट का खुलासा किया। वहीं नवलगढ़ थाना इलाके में दिनदहाड़े 3 लाख 30 हजार रुपए की लूट, चिड़ावा थाना में लगभग 35 लाख रुपए गन पॉइंट पर की लूट, एक दर्जन से अधिक ऐसे सनसनीखेज मामले हैं, जिनको पुलिस ने बहुत कम समय में खोलते हुए बदमाशों को गिरफ्तार किया तथा लूट का माल भी बरामद करने में सफलता प्राप्त की।

थाने पर आने वालों को तुरंत एफआईआर, यह भी एक कारण है अपराधों पर अंकुश का

पिछले पांच वर्षों की तुलना करें तो इस वर्ष 2022 में अपराधों में कमी आई है, पुलिस अधिकारी इसका एक कारण यह भी बताते हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में यह व्यवस्था की थी कि जो भी व्यक्ति अपनी रिपोर्ट दर्ज कराना चाहे, उसे लौटाने की बजाए एफआईआर दर्ज की जाए। आमतौर पर थानों में एफआईआर दर्ज नहीं करने की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने एसपी कार्यालय में एक शाखा खोलने के निर्देश दिए, जहां शून्य एफआईआर दर्ज की जाए और जांच के लिए संबंधित थानों में भेजी जाए। पुलिस मुख्यालय से यह भी निर्देश जारी किए गए कि एफआईआर दर्ज नहीं करने पर सम्बन्धित थानाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गब्बर गैंग का खात्मा:- पुलिस ने मर्डर में शामिल अपराधियों को पकड़ा। पुलिस ने पूरी गैंग की कमर तोडक़र रख दी है। पुलिस ने गब्बर गैंग के सदस्यों को पकड़ा और जेल भेज कर गैंग को खत्म ही कर दिया। इसी तरह से उनके अड्डे को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद अन्य अपराधियों ने भी जिला छोड़ दिया।

जेएम गैंग का सरगना गिरफ्तार:- जेएम गैंग का मुख्य सरगना जयवीर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। झुंझुनूं पुलिस गैंग के सरगना को काफी समय से तलाश रही थी। पुलिस ने जयवीर को कर लिया जयवीर सिंघाना थाना का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया हुआ था। यह गैंग चिड़ावा, सिंघाना, हरियाणा सहित आस पास के इलाकों में काफी सक्रिय है। हनी गैंग और जयवीर गैंग में काफी समय से वर्चस्व की लडाई चल रही है। पुलिस को काफी समय से जयवीर की तलाश थी। काफी प्रयास के बाद आखिरकार पुलिस ने जयवीर को मंगलवार 1 नवंबर को पकडऩे में सफलता हासिल कर ली।

बदमाश लोकेश गुर्जर को पकडा:- झुंझुनूं पुलिस ने इस साल रंगदारी के मामले में फरार चल रहे बदमाश लोकेश गुर्जर को एक साल बाद पकड़ने में कामयाबी हासिल की। लोकेश गुर्जर ने सिंघाना में व्यापारी से 20 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। जिसके बाद व्यापारी पर बदमाश की ओर से फायरिंग भी की गई थी। आरोपी इस मामले में साल भर तक फरार रहा था। इस दौरान आरोपी ने हरियाणा, दिल्ली और गुरुग्राम में सक्रिय होकर लूट, रंगदारी, नकबजनी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। करीब 10 मामलों में लोकेश गुर्जर वांटेड था। इसकी गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई थी। जयपुर आईजी रेंज की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था।

सात जनों की खोली हिस्ट्रीशीट

झुंझुनूं एसपी मृदुल कच्छावा ने अपराध पर अंकुश के लिए अक्टूबर माह में सात आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली है। वहीं तीन आरोपियों के खिलाफ राजपासा में इस्तगासा भी किया है। वहीं जल्द ही सात आरोपियों के खिलाफ जल्द ही इस्तगासा पेश करने की तैयारी की जा चुकी है। एसपी ने बताया की जिन सात बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, उनमें लोकेश गुर्जर, विकास मीणा, सोनू उर्फ टकला, सुशील उर्फ सेठिया, अनिल पुत्र बलवीर, अंकित कुल्हरि तथा अरविंद उर्फ गब्बर शामिल है।

अपराध -2017 -2018 -2019 -2020-2021 -2022

हत्या – 32 – 39 – 61 – 53 – 53 – 32

हत्या का प्रयास 26 – 27 – 47 – 45 – 45 – 42

डकैती 01 – 00 – 07 – 06 – 04 – 02

लूट 11 – 14 – 24 – 15 – 18 – 08

अपहरण 139 – 172 – 188 – 147 – 184 – 138

बलात्कार 81 – 130 – 152 – 102 – 135 – 79

नकबजनी 188 – 122 – 168 – 143 – 179 – 155

चोरी 454 – 408 – 651 – 433 – 607 – 518

बलवा 00 – 00 – 01 – 01 – 02 – 00

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