कन्हैयालाल के हत्यारे पढ़ रहे भगत सिंह की किताब: 23 घंटे काली कोठरी में बंद रहते, एक घंटे में करने होते हैं सारे काम



अजमेर36 मिनट पहलेलेखक: भरत मूलचंदानी

कैदी नंबर- 260 नाम- रियाज कैदी नंबर- 261 नाम- गौस मोहम्मद

प्रदेश की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कन्हैयालाल हत्याकांड के ये दोनों आरोपी भगत सिंह की बॉयोग्राफी पढ़ रहे हैं। अपने बीवी-बच्चों से मिलने के लिए रोज फूट-फूटकर रोते हैं, लेकिन आजतक परिवार का एक भी शख्स इनकी करतूत के चलते जेल में मिलने नहीं आया है।

इनकी जिहादी मानसिकता में बदलाव लाने के लिए रोज तीन-तीन बार महापुरुषों की किताबें बांटी जाती हैं। इतना ही नहीं, रियाज मोहम्मद अनपढ़ है, लेकिन एक पढ़ा-लिखा कैदी रोज दिन में तीन बार रियाज को महापुरुषों की जीवनी पढ़कर सुनाता है।

रियाज और गौस के अलावा कन्हैया हत्याकांड के बाकी 7 आरोपी भी इसी जेल में कैद हैं। वे भी महापुरुषों की किताबें पढ़ने के लिए मांगते हैं। अपने जुर्म का पश्चाताप करते हैं और रिहाई की दुआ मांगते हैं।

भास्कर रिपोर्टर ने थ्री लेयर सुरक्षा वाली जेल के सुपरिंटेंडेंट पारिस जांगिड़ से बातचीत कर कैदियों की हर एक्टिविटी के बारे में जाना…..

जेल सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि उदयपुर हत्याकांड मामले में गिरफ्तार 9 आरोपियों को सुरक्षा कारणों के चलते हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया है। इन सभी कैदियों को व्यस्त रखने के लिए महापुरुषों व गणमान्य नेताओं की किताबें पढ़ने के लिए दी जा रही हैं। जिससे कि वह अपने खाली समय का भरपूर उपयोग करें और अपनी मानसिकता में एक सकारात्मक बदलाव करें। इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है।

एक बुक को तीन बार पढ़ते हैं कैदी
इस जेल में केवल हार्डकोर अपराधियों को ही रखा जाता है। इन्हें रोजाना महापुरुषों और राजनेताओं की बुक्स पढ़ने के लिए दी जाती हैं। कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपियों पर ज्यादा फोकस रखा जाता है। एक बुक को सभी कैदी तीन बार पढ़ते हैं, जिससे कि उस किताब को पढ़कर उनकी मानसिकता और बॉडी लैंग्वेज पर बदलाव हो सके। जेल का स्टाफ इन्हें लाइब्रेरी से अलग-अलग बुक्स लाकर देता है।,जहां वह एक जगह पर बैठकर बिना लाइट के उस बुक को पढ़ते हैं। बुक को पढ़ने के बाद अधीक्षक, जेल सुपरिंटेंडेंट व अन्य ही स्टाफ बुक के बारे में पूछते भी हैं कि उन्होंने इस बुक में क्या पढ़ा और क्या उन्होंने इससे सीखा।

मुख्य आरोपी रियाज पढ़ाई में अनपढ़
हत्याकांड का मुख्य आरोपी रियाज मोहम्मद पढ़ा लिखा नहीं है। उसके लिए जेल प्रशासन ने व्यवस्था की है। जांगिड़ ने बताया कि जो कैदी पढ़-लिख नहीं सकता, उसके लिए उसके वार्ड का एक कैदी लगाया जाता है। जब सुबह 1 घंटे के लिए वे कोठरी से बाहर आते हैं तब पढ़ा-लिखा कैदी उन्हें उस बुक को पढ़कर सुनाता है। वे उसे सुनकर वापस बोलते हैं। ताकि वह उस बुक के जरिए कुछ सीख सकें।

हफ्ते भर बाद कैदियों को दी गई बुक्स
उदयपुर हत्याकांड के 9 आरोपियों को सुरक्षा की दृष्टि से ध्यान में रखते हुए हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया है। ये अपनी कोठरी में रोते रहते हैं। उन्हें अपने किए गए अपराध पर पछतावा हो रहा है। जेल प्रशासन द्वारा उनका माइंड डाइवर्ट करने के लिए महापुरुषों की बुक्स पढ़ने के लिए दी जाती हैं। वे करीब करीब रोजाना इन किताबों को पढ़ रहे हैं।

मुख्य आरोपियों से कोई मिलने नहीं आता
मुख्य आरोपी रियाज व गौस मोहम्मद जेल की काली कोठियों में परिवार से मिलने के लिए तड़प रहे हैं। अब तक उनके परिवार से कोई उनके पास मिलने के लिए नहीं पहुंचा है। हफ्ते में बुधवार और रविवार को ही आरोपियों के परिवार वालों से मिलने दिया जाता है।

सभी आरोपी जेल में फूट-फूटकर रोते हैं। 9 आरोपियों में से 7 आरोपियों को पश्चाताप है। यहां तक कि बाकी सातों आरोपी हत्याकांड के मास्टरमाइंड को दिनभर कोसते हैं। गौस मोहम्मद और रियाज की बॉडी लैंग्वेज अभी वैसी ही है। अभी तक दोनों में अपराध का पश्चाताप नजर नहीं आता है। हालांकि वे महापुरुषों की बुक लगातार पढ़ रहे हैं। एनआईए के अधिकारी लगातार कन्हैया हत्याकांड के आरोपियों से जेल में पूछताछ करने के लिए आ रहे हैं। 3 दिन पहले ही एनआईए के अधिकारी जेल में आरोपियों से पूछताछ करके गए हैं।

सीसीटीवी की निगरानी में सभी आरोपी
हाई सिक्योरिटी जेल में सजा काट रहे कन्हैया लाल हत्याकांड के 9 आरोपी सीसीटीवी की निगरानी में है। उनके एक-एक पल की स्थिति को देखा जाता है। वहीं, जेल प्रशासन द्वारा जेल में और कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।

जेल की दीवारों पर महापुरुषों के चित्र व स्लोगन
हाई सिक्योरिटी जेल में कैदियों को एक बेहतर वातावरण मिले और उनकी मानसिकता पर एक अच्छा प्रभाव पड़े, इसके लिए महापुरुषों और राष्ट्रवाद से जुड़े नेताओ की दीवारों पर पेंटिंग बनाई गई हैं। इसके साथ ही हर वार्ड के बाहर एक पॉजिटिव स्लोगन भी लिखा गया है।

कन्हैया के हत्यारों की जेल में दिनचर्या
कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में गिरफ्तार 9 आरोपी अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सजा काट रहे। जेल के एक वार्ड की अलग-अलग कोठरियों में बिना लाइट के 23 घंटे अकेले गुजारते हैं। उन्हें सिर्फ सुबह 1 घंटे के लिए नहाने-धोने और नाश्ते के लिए ही कोठरी से बाहर निकाला जाता है। उसमें भी एक के बाद एक सभी आरोपियों को बाहर निकालते हैं। इसके अलावा वह 23 घंटे काल कोठरी में अपना समय बिताते हैं।

जेल में लाइब्रेरी, 500 से ज्यादा बुक्स
जेल सुपरिंटेंडेंट पारस जांगिड़ ने बताया कि हाई सिक्योरिटी जेल में राजस्थान जेल डीजी के निर्देशों पर लाइब्रेरी रूम बनाया गया है। 1 सितंबर 2022 से इसे शुरू किया गया। इसमें किशनगढ़ के मार्बल व्यवसायी रमेश राठी के सहयोग से चार बुक्स रैक और 530 से ज्यादा बुक्स रखी गई हैं।

महापुरुषों की बुक्स
पारस जांगिड़ ने बताया कि जेल में एपीजे अब्दुल कलाम, बिस्मिल्लाह, गोस्वामी तुलसीदास, कल्पना चावला, बिरसा मुंडा, संत रविदास, घनश्याम दास बिरला, पीएम मोदी-20, राष्ट्रपति सहित अन्य महापुरुषों के जीवन की बुक्स यहां रखी गई हैं।

100 से ज्यादा हार्डकोर अपराधी जेल में बंद
हाई सिक्योरिटी जेल में 100 से ज्यादा हार्डकोर अपराधी सजा काट रहे हैं। इसमें गैंगस्टर राजू फौजी, अनिल पहाड़िया, लॉरेंस व आनंदपाल गैंग, सुनील डूडी, डकैत जगन गुर्जर, गैंगस्टर वलबा राम, शिवराज बैंक सहित कई गैंग सजा काट चुके हैं। इन सभी को भी महापुरुषों की बुक पढ़ने के लिए दी जाती हैं।

हेट स्पीच मामले में गौहर व नूपुर शर्मा को धमकी देने वाला जेल में बंद
अजमेर में विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के दरगाह के बाहर ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाने वाले मुख्य आरोपी गौहर चिश्ती व उसका अन्य साथी भी जेल में बंद हैं। इसके साथ ही नूपुर शर्मा का सर अलग करने की धमकी देने वाला सलमान चिश्ती भी वर्तमान में जेल में है। इनको भी महापुरुषों की किताबें पढ़ने के लिए दी जा रही हैं। कहा जा रहा है कि सलमान के व्यवहार में काफी बदलाव आया है। उसने नशे से भी दूरी बना ली है।

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