आरएएस ने सिरदर्द से परेशान होकर की थी सुसाइड: पेट में गांठ निकलने से थे डिप्रेशन में, 2 महीने से चल रहा था इलाज



धौलपुर11 मिनट पहले

आरएएस अधिकारी आसाराम का शव जंगल में पेड़ से लटका मिलने के मामले में सिरदर्द से परेशान होकर सुसाइड करने की बात सामने आ रही है।

आरएएस अफसर का शव जंगल में पेड़ से लटका मिलने के बाद जांच में सुसाइड का मामला सामने आ रहा है। आरएएस अधिकारी आसाराम गुर्जर सिरदर्द से परेशान थे। उनका आगरा के डॉक्टर से 2 महीने से इलाज भी चल रहा था, लेकिन दवाइयों को कोई असर नहीं होने से वे काफी परेशान थे। सालभर पहले पेट दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाया तो उनके पेट में गांठ निकली थी। उसके बाद से ही वे डिप्रेशन में थे।

आरएएस अधिकारी आसाराम गुर्जर का शव जंगल में पेड़ से लटका मिलने के मामले में सिरदर्द से परेशान होकर सुसाइड करने की बात सामने आ रही है।

बाड़ी सदर थाना प्रभारी हीरालाल ने बताया कि शनिवार को गढ़ी जखौदा गांव में आरएएस ऑफिसर आसाराम गुर्जर का शव घर से एक किलोमीटर दूर जंगल में पेड़ से लटका मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए भरतपुर से एफएसएल टीम बुलाकर मौके से साक्ष्य लिए गए, जिनके आधार पर प्राथमिक तौर पर मामला सुसाइड का नजर आ रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरएएस अधिकारी के पिता दीवान सिंह गुर्जर ने प्राथमिक पूछताछ में बताया है कि उनका पुत्र कई दिनों से सिरदर्द रहने की वजह से मानसिक तौर पर परेशान चल रहा था। जिसका आगरा के एक निजी डॉक्टर से इलाज कराया जा रहा था। सिरदर्द से राहत ना मिलने पर परिजन उसे जयपुर के डॉक्टर को दिखाने की तैयारी कर रहे थे। इसलिए उसको गांव बुलाया था। आसाराम करौली के मासलपुर में तहसीलदार थे और 2 दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आए थे। अलवर के नौगांवा से ट्रांसफर होने पर 10 नवंबर को ही ड्यूटी जॉइन की थी।

पेट गांठ का हुआ था ऑपरेशन
मामले की जांच करने गए थाना प्रभारी को आरएएस अधिकारी के पिता दीवान सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पहले आसाराम के पेट में दर्द होने पर उसका ऑपरेशन कराया गया था। ऑपरेशन में पेट में गांठ निकलने से वह डिप्रेशन में था। इस वजह से उसके सिरदर्द रहने लगा। लगातार सिर में दर्द रहने की वजह से परिजन आगरा के निजी डॉक्टर से उसका इलाज करा रहे थे।

आरएएस अधिकारी आसाराम का अलवर के नौगांवा तहसीलदार से हाल ही करौली के मासलपुर में ट्रांसफर हुआ था। उन्होंने 10 नवंबर को ही ड्यूटी जॉइन की थी।

आरएएस अधिकारी आसाराम का अलवर के नौगांवा तहसीलदार से हाल ही करौली के मासलपुर में ट्रांसफर हुआ था। उन्होंने 10 नवंबर को ही ड्यूटी जॉइन की थी।

आसाराम का परिवार समाज के लिए प्रेरणा
डांग क्षेत्र में आसाराम का परिवार पूरे गांव के लिए एक प्रेरणा है। आसाराम की पिता दीवान सिंह सरकारी टीचर थे। उनके चार बेटों में से दो बेटे सरकारी टीचर और एक बेटा आरएसी में है। उनका चौथा बेटा आसाराम आरएएस अफसर बना था, जो डांग क्षेत्र में एक प्रेरणा है। वर्तमान में आसाराम के पिता दीवान सिंह बाड़ी सदर थाने के सीएलजी मेंबर हैं।

आरएएस बनकर युवाओं के लिए मिसाल कायम की
डकैतों के लिए बदनाम धौलपुर के डांग क्षेत्र के रहने वाले आसाराम ने वर्ष 2017 में आरएएस परीक्षा पास कर धौलपुर जिले का नाम रोशन किया था। दूसरे प्रयास में ही 167वीं रैंक हासिल करके आरएएस बने आसाराम को लेकर उनके साथ पढ़ने वाले दोस्तों ने बताया कि आसाराम वर्ष 2012 से शहर की एक कोचिंग से टीचर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। गंभीर स्वभाव वाले आसाराम ने वर्ष 2015 में टीचर के साथ आरएएस की तैयारी शुरू कर दी। घर में शुरू से ही पढ़ाई का माहौल होने की वजह से आसाराम बचपन से ही मेधावी रहा। आसाराम के मित्र रविंद्र सिंह ने बताया कि दूसरी बार के प्रयास में ही आसाराम ने आरएएस की परीक्षा पास कर डांग क्षेत्र में समाज का नाम रोशन कर दिया।

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