आंतरी में दिखा नर सांभर, यह चार दशकों से लुप्तप्राय: पिछले कई वर्षों से वन्यजीव गणना में इसकी उपस्थिति कहीं भी दर्ज नहीं है



प्रतापगढ़ (राजस्थान)38 मिनट पहले

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आंतरी रेंज में पारडा मोरू में गराडिया तालाब के पास सांभर दिखाई दिया। इस पर वन विभाग के कर्मचारी माैके पर पंहुचे। इसकी सुरक्षा में डटे रहे। जानकारी के अनुसार आंतरी क्षेत्र में वन्यजीव की जानकारी मिलने पर सहायक वन संरक्षक सागवाड़ा चंद्रजीत सिंह पंवार, वनपाल नाथूलाल रोत, वन रक्षक चंद्रवीर सिंह चौहान, हर्षवर्धन सिंह सिसोदिया आदि वनकर्मी माैके पर पहुचे। वन्यजीव विशेषज्ञ वीरेंद्र सिंह बेडसा ने बताया कि सांभर डूंगरपुर जिले के वनों में पिछले लगभग चार दशकों से लुप्तप्रायः है। पिछले कई वर्षों से वंन्यजीव गणना में इसकी उपस्थिति कहीं भी दर्ज नहीं हुई है। सहायक वन संरक्षक सागवाड़ा चंद्रजीत सिंह पंवार ने बताया कि सांभर पर निगरानी रखे हुए है। किस तरफ जाता है, इसकाे देखा जा रहा है।

इसे जंगल का संतरी भी कहते हैं यह वंन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित श्रेणी एवं शेड्यूल 3 का वन्यप्राणी है। यह बादामी रंग का होता है और नर के लंबे शाखाओं वाले सिंग होते हैं एवं मादा के सिंग नहीं होते हैं। इसकी लंबाई 150 से 200 सेंटीमीटर , ऊंचाई 135 सेंटीमीटर तथा वज़न 180 से 300 किलोग्राम तक होता है। यह घास, पत्ते एवं जंगली फल खाता है। यह दिन में जंगल मे आराम करता है और शाम से सुबह तक चरता है। यह खतरा देख कर विशिष्ट आवाज़ करता है और जंगल के सभी जानवरों को सतर्क कर देता है इसलिए इसे जंगल का संतरी भी कहते हैं। इसकी जिले में उपस्थिति जैव विविधता की दृष्टि से शुभ संकेत है।

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